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गुरुकुल में सातवीं के छात्र ने की आत्महत्या 

Sun, 28 Aug 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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घटना की जानकारी लेते एसओ रणवीर सिंह यादव। - फोटो : amar ujala
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बागपत के प्राचीन बरनावा लाक्षागृह के श्री महानंद संस्कृत महाविद्यालय गुरुकुल के सातवीं के छात्र अभिषेक प्रजापति (14) ने शनिवार सुबह गुरुकुल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने उसके परिजनों से पूछताछ की तो परिजन भड़क उठे। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली गलत बताते हुए जमकर हंगामा किया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई कराने से मना कर दिया। बाद में पुलिस ने शव को परिजनों को सौंप दिया। 
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 बिनौली के दौझा गांव के विनोद प्रजापति के बेटे अभिषेक ने लाक्षागृह के गुरुकुल में इसी वर्ष कक्षा सात में प्रवेश लिया था। छात्र अभिषेक  शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे गुरुकुल की छत पर बने कमरा नंबर 41 में पंखे पर अपनी ड्रेस के कुर्ते से लटका मिला। पता चलते ही आश्रम के शिक्षक छात्र को एक निजी चिकित्सक के पास लेकर गए। वहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलते ही मौके पर काफी लोग इकट्ठे हो गए। 

घटना की जानकारी छात्र के परिजनों और पुलिस को दी। पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गुरुकुल के शिक्षक और उसके परिजनों से पूछताछ की। इस पर छात्र के परिजन भड़क गए। उन्होंने पुलिस पर उल्टे-सीधे प्रश्न करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान उनकी पुलिस से काफी नोकझोंक हुई। बाद में परिजनों ने पुलिस को इस मामले में कार्रवाई न करने का प्रार्थना पत्र दिया। उसके बाद पुलिस ने शव को परिजनों को सौंप दिया। 
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 बिनौली थाना प्रभारी रणवीर सिंह यादव ने कहा छात्र अभिषेक ने गुरुकुल में आत्महत्या की है। इस घटना के कारण का अभी पता नहीं चला। जानकारी मिली है कि छात्र किसी टेंशन में था। उसके परिजनों ने पुलिस कार्रवाई कराने से इंकार कर शव लेकर चले गए हैं। पुलिस पर लगाया आरोप गलत है। 

 दो घंटे पहले ही घर से गुरुकुल में पहुंचा था छात्र 
बिनौली। गुरुकुल महाविद्यालय में रक्षाबंधन के पर्व पर यज्ञ होने के बाद एक सप्ताह की छुट्टी हो गई थी। वहां पर पढ़ने वाले छात्र अपने घर चले गए थे। छात्र अभिषेक अपने पिता के साथ शनिवार सुबह करीब नौ बजे गुरुकुल आया था। कुछ ही देर बाद उसने इस घटना को अंजाम दे दिया। फिलहाल गुरुकुल में 15-20 ही छात्र है। 

 अभिषेक कर रहा था गुरुकुल आने से मना 
बिनौली। अभिषेक के पिता विनोद प्रजापति ने बताया बेटे ने शनिवार सुबह गुरुकुल आने से मना किया था। वह रविवार को गुरुकुल आने के लिए बोल रहा था। वह क्यों मना कर रहा था। इस बारे में उसने कुछ नहीं बताया था। 

अभिषेक तीन साथियों के साथ रहता था कमरे में 
बिनौली। अभिषेक गुरुकुल के कमरा नंबर 41 में अपने साथी  विकास, अजय शर्मा, गौरव भारद्वाज के साथ रहता था। तीनों छात्र अभी अपने घर से छुट्टी से नहीं लौटे थे। वह अपने कमरे में अकेला था। 

पढ़ाई में बड़ा होनहार था अभिषेक 
बिनौली। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य आचार्य विनोद कुमार शास्त्री ने बताया वर्तमान समय में विद्यालय में करीब 70 छात्र संस्कृत की निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। परिजनों से केवल 500 रुपये भोजनालय के लिए प्रतिमाह लिए जाते हैं। बाकी खर्च गुरुकुल ही वहन करता है। छात्र अभिषेक विद्यालय में हंसी-खुशी से रहता था और मन लगाकर पढ़ाई करता था। वह काफी होनहार था, लेकिन मालूम नहीं की आज उसने यह कदम क्यों उठाया है। पूरा गुुरुकुल इस घटना से बेहद दुखी हैं।

टेंशन में दिखाई दे रहा था अभिषेक 
बागपत। पुलिस ने बताया जानकारी मिली गुरुकुल में पहुंचने के बाद छात्र अभिषेक काफी टेंशन में था। कभी पेड़ के नीचे बैठता था तो कभी दूसरी जगह। कमरे में जाकर उसने मौत को गले लगा लिया। 

 घर पहुंचे ही मिली बेटे के मौत की जानकारी  
बागपत। विनोद प्रजापति मजदूरी करता है। अभिषेक अपने चार भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके पिता एक ही बात को कह रहे है कि वह तो अभिषेक को अभी गुरुकुल में छोड़कर गया था। दो घंटे बाद ही उसकी मौत की खबर मिल गए। इससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। 
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