बिलोचपुरा में सात घंटे हंगामा, पिता ने की जान देने की कोशिश
भूरी हत्याकांड : डीएम और विधायक ने आर्थिक मदद और निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा, आरोपी दंपती पर रिपोर्ट दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
अमीनगर सराय। सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के बिलोचपुरा गांव में सात साल की मासूम भूरी की हत्या के बाद सात घंटे तक हंगामा हुआ। वारदात के खुलासे, मुआवजे और डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की गई। मृतका के पिता ने बिजली का तार पकड़कर जान देने की कोशिश की। ग्रामीणों के बीच पहुंचे डीएम राजकमल यादव ने मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये दिलाने और विधायक योगेश धामा ने एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मासूम को दफनाया गया। वहीं आरोपी दंपती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
बिलोचपुरा निवासी कलीराम प्रजापति की सात साल की बेटी भूरी की शनिवार रात हत्या कर शव को ईख के खेत में पत्ती में दबा दिया गया था। देर रात ही पैनल गठित कर पोस्टमार्टम करा दिया गया था। रविवार सुबह करीब आठ बजे पीड़ित परिवार ने मासूम का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। वारदात के खुलासे, पीड़ित परिवार को दस लाख के मुआवजे, डॉग स्क्वॉयड से जांच कराने और डीएम को मौके पर बुलाने की मांग रखी गई। एएसपी मनीष मिश्रा, एसडीएम सदर अनुभव कुमार और सीओ मंगल सिंह रावत ग्रामीणों के बीच पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हुई।
पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही मनोज कश्यप और उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। हंगामे और नोकझोंक के बीच मृतका के पिता कलीराम ने घर में ही बिजली का नंगा तार पकड़कर जान देने की कोशिश की। ग्रामीणों ने लाइन काटकर उसे बचाया। इसके बाद भाजपा विधायक योगेश धामा, जिलाध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर, डीएम राजकमल यादव, एसपी अभिषेक सिंह, एडीएम अमित कुमार सिंह दोपहर के समय गांव पहुंचे। डीएम ने मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख रुपये की आर्थिक मदद और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। विधायक योगेश धामा ने एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। इसके बाद अंतिम संस्कार पर सहमति बनी। दोपहर करीब तीन बजे गांव में मासूम को दफनाकर अंतिम संस्कार किया गया। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस तैनात है।
यह था मामला
बिलोचपुरा गांव निवासी कलीराम प्रजापति की सात सात की बेटी भूरी शनिवार शाम करीब सात बजे संदिग्ध हालात में गायब हो गई थी। पहले गांव में तलाश की गई, लेकिन वह नहीं मिली। ग्रामीणों को जानकारी मिली कि भूरी शाम के समय बच्चों के साथ शनिदेव मंदिर के आसपास देखी गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने आसपास के खेत तलाश की। ईख के खेत में पत्ती के नीचे मासूम का शव पड़ा मिला। शव पर गहरे घाव थे और जंगली जानवर भी नोच रहे थे। इसके बाद गांव में तनाव बन गया था।