अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस--------
बड़ौत। कोरोना संक्रमण काल में पूरी मुस्तैदी के साथ अस्पतालों में मोर्चा संभाले हुए हैं। वह मरीजों की सेवा को ही अपना सच्चा धर्म बताती हैं। कई नर्स ऐसी भी हैं जिनके परिवारों के सदस्य कोरोना संक्रमित हैं उसके बावजूद वह अपनी ड्यूटी पर तैनात रहकर मरीजों की सेवा में जुटी हैं। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर मंगलवार को कुछ नर्स से बात की गई तो सभी ने अपने कर्तव्य को ही सर्वोपरि बताया।
सीएचसी पर लेबर रूम में तैनात स्टाफ नर्स डॉ. राजेश्वरी का कहना है कि वह खुद भी सोशल डिस्टेंस का पालन कर रही हैं। मरीज के साथ-साथ अपने परिवार को भी सुरक्षित रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
बड़ौत सीएचसी पर तैनात स्टाफ नर्स शीतल ठाकुर व बागपत सीएचसी पर तैनात डॉ श्रेया श्रीवास्तव का कहना है कि मरीज की सेवा करना ही हमारा पहला धर्म है। ड्यूटी के साथ बच्चों की देख रेख करना काफी कठिन कार्य है, लेकिन ऊपर वाला सब हिम्मत देता है।
स्टाफ नर्स डॉ. जुबैदा का कहना है कि कोरोना वायरस के खिलाफ छिड़ी जंग में अहम भूमिका निभा रही हैं। ड्यूटी के दौरान मरीजों की जान बचाना हमारा पहला कर्तव्य है।
- फतेहपुर पुटटी निवासी स्टाफ नर्स ज्योति तोमर का कहना है कि शुरू में कोरोना महामारी में ड्यूटी करते वक्त डर लगता था, लेकिन फिर अपने आपको संभाला और सोचा कि मरीजों की सेवा करना तो हमारा धर्म है।