सीएचसी स्टाफ की घोर लापरवाही के चलते एक जच्चा को बच्चा होने के मात्र ढाई घंटे बाद ही टैक्सी से घर भेज दिया। जबकि नियमानुसार जच्चा-बच्चा को 48 घंटे बाद ही छुट्टी दी जाती है और सरकारी एंबुलेंस से जच्चा को घर छोड़ा जाता है।
बड़ावद गांव की चांदनी नामक महिला को वहां की आशा लीला रविवार की प्रात: 10 बजे सीएचसी लेकर आई और उसे महिला वार्ड में भर्ती कराया। कुछ समय बाद ही उसने बच्चे को जन्म दिया और ढाई घंटे बाद ही उसे तुरत फुरत में ही अस्पताल में तैनात एक कर्मचारी की टैक्सी से उसके घर भेज दिया।
इसे लेकर सीएचसी के अधिकारी से आश्चर्यचकित रह गए क्योंकि बच्चा होने के 48 घंटे बाद तक सीएचसी में ही उसकी देखरेख की जाती है और 48 घंटे बाद जच्चा को सरकारी एंबुलेंस से घर भेजा जाता है।
यदि उसे कोई परेशानी होगी तो इसके लिए सीएचसी अधिकारी जिम्मेदार होंगे। पहले भी ऐसे कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. मुकेश उपाध्याय ने बताया यह स्टाफ की घोर लापरवाही है, इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।