खाना खाने की जगह दहेज का सामान न सजा होने दूल्हे के पिता की नाराजगी पर शुरू हुआ विवाद
हंगामा बढ़ा तो दूल्हे और उसके पिता सहित पांच को बनाया पूरी रात बंधक, अन्य बरातियों को लौटाया
सोमवार की सुबह हुई पंचायत में दुल्हन पक्ष का पूरा खर्च देने की सहमति पर निपटा मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली (बागपत)। थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार की रात गाजियाबाद के लोनी से आई बारात में खाना खाने की जगह दहेज का सामान सजा न होने पर हंगामा हो गया। दूल्हे के पिता नाराज हो गए। दुल्हन के पिता ने मान मनव्वल की, लेकिन उन्हें बुरा भला गया गया। इस पर दुल्हन ने निकाह करने से इंकार कर दिया। विवाद बढ़ने पर दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हे और उसके पिता सहित पांच लोगों को बंधक बना लिया जबकि अन्य बरातियों को लौटा दिया। पूरी रात दोनों पक्षों में बातचीत हुई, लेकिन विवाद नहीं सुलझा। सोमवार को हुई पंचायत में दूल्हे पक्ष की ओर से दुल्हन पक्ष का पूरा खर्च देने की सहमति पर मामला निपटा।
रविवार को थाना क्षेत्र के एक गांव में जनपद गाजियाबाद के लोनी से बारात आई थी। दुल्हन पक्ष ने लोगों ने बारातियों की खूब आवभगत की और बारात को खाना खाने लिए आमंत्रित किया। जैसे ही बारात के लोग खाना खाने पहुंचे तो दूल्हे के पिता को वहां कही भी दहेज का सामान रखा दिखाई नहीं दिया। इस पर उन्होंने खाना खाने से मना कर दिया। दुल्हन पक्ष के लोगों ने उनसे नाराजगी का कारण पूछा। दूल्हे के पिता ने कहा दहेज में कुछ भी समान नहीं है। इस पर दुल्हन पक्ष के लो लोग उन्हें मकान की दूसरी तरफ ले गए जहां बाइक सहित दहेज का सभी सामान सजा था। आरोप है कि दहेज के सामान से असंतुष्ट दूल्हे के पिता ने दुल्हन के बाप की काफी बेइज्जती की। इस पर दोनों पक्षों के लोगों में तनाव बढ़ गया।
दुल्हन को पिता की बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हुई और उसने निकाह करने से साफ इंकार कर दिया। दोनों पक्षों के बीच गरमा गरमी को देखकर ग्रामीण एकत्र हो गए, जिन्होंने दूल्हे और उसके पिता, बिचौलिए सहित पांच लोगों को बंधक बना कर अन्य बारातियों को लौटा दिया। पूरी रात जद्दोजहद चलती रही, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो पाया। सोमवार की सुबह हुई पंचायत में दूल्हे पक्ष पर दुल्हन पक्ष को पूरा खर्च देने का जुर्माना लगाया गया। दूल्हे पक्ष के लोगों ने भी सारा खर्च देने की बात स्वीकार की, तब जाकर मामले का निपटारा हुआ।
कुछ लोग थाने आए थे। उन्होंने लेनदेन का विवाद होने पर बरात लौटने और समझौता होने की बात बताई थी। समाज हित में कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही थी। इसके बाद दोनों पक्ष लौट गए थे। - जनक सिंह चौहान, थाना प्रभारी।