बागपत के बड़ौत में मलकपुर चीनी मिल से जुड़े क्षेत्र के किसानों ने बड़ौत स्थित छपरौली विधायक वीरपाल राठी के आवास का घेराव किया।
उन्होंने कहा कि हमने आपको चुना, अब हमारे गन्ने की व्यवस्था करना आपका काम है। इस पर विधायक ने सभी किसानों की पंचायत की। इसमें पांच सदस्यों की कमेटी गठित की गई। जिसमें निर्णय लिया गया कि 10 दिन में गन्ने का इंतजाम नहीं हुआ तो 23 नवंबर को किसान तहसील पहुंचकर पंचायत करेंगे। उसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। मलकपुर मिल से जुड़े किसानों को एक ओर तो गन्ने का भुगतान नहीं मिल रहा है और वहीं गन्ना सत्र शुरू हो गया और मिल भी नहीं चल रहा है।
गन्ने की कटाई नहीं होने से गेहूं की बुआई भी लटकने के आसार बन गए है। आक्रोशित किसान बड़ौत स्थित छपरौली विधायक वीरपाल राठी के आवास पहुंचे और घेराव किया। विधायक वीरपाल राठी किसानों के बीच आए और कहा कि क्षेत्र में अलग आंदोलन नहीं होना चाहिए। हम सब एक है। खाप के चौधरी भी आंदोलन से जुड़े है, उनका सम्मान भी होना चाहिए। हम सब पार्टीबाजी से अलग होकर एकजुटता से आंदोलन चलाना चाहिए। जब तक भुगतान नहीं हो, मिल नहीं चलना चाहिए। इस अवसर पर मौजूद किसानों की 5 सदस्यों की कमेटी गठित की गई और निर्णय विधायक पर सौंपा गया।
5 सदस्यों की कमेटी ने विचार-विमर्श कर उनके निर्णय को विधायक ने सुनाया कि 23 नवंबर को सभी दलों, सभी किसानों को दलगत राजनीति से उठकर बड़ौत तहसील में एक बजे पंचायत की जाएगी। पंचायत में ही आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। विधायक ने कहा कि किसानों के गन्ने का इंतजाम भी होना आवश्यक है। इन सब मुद्दों पर पंचायत में बात होगी।
इस अवसर पर चौधरी महक सिंह, रामबीर सिंह, सरदार सिंह कुर्डी, रणवीर, प्रेमपाल, करण, सहेंद्र रंछाड, रामफल, शिवचरण, महीपाल प्रधान, शैलेश, सतेंद्र, चंदरपाल, वेदपाल, बिल्लू, मुनेश बरवाला, नरेश ठेकेदार, साधु, ब्रजपाल, विक्रम सिंह, विनोद, प्रवीण, सुदेश, ब्रजपाल, विकास प्रधान, ऋषि, राजकुमार प्रधान, पुष्पेंद्र, धीरज, बबली, भगत, हुसना आदि रहे।