किसान सेवा सहकारी समिति में खाद वितरण में 32 लाख के घोटाले की पूरी जांच के लिए गठित की गई टीम ने किया खुलासा
टीम ने 2017 से लेकर अब तक का रिकार्ड खंगाला तो अब मिनी बैंक में मिला 45 लाख का घोटाला, दोघट थाने में दी तहरीर
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट (बागपत)। किसान सेवा सहकारी समिति दोघट के मिनी बैंक में 45 लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। इसी समिति में पूर्व में खाद वितरण में हुए 32 लाख के घोटाले के लिए गठित की गई टीम की जांच में अब यह घपला उजागर हुआ है। घोटाला सामने आने के बाद समिति के कई अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी गई है।
अपर जिला सहकारी अधिकारी बड़ौत राजेश वर्मा ने बताया कि एक अक्टूबर 2021 को समिति पर कार्यरत कर्मचारी देशपाल सिंह ने अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद पता चला कि समिति में खाद वितरण में 32 लाख रुपये का घोटाला किया गया है। इस मामले में सहकारी बैंक दोघट शाखा के प्रबंधक और समिति के एमडी को निलंबित कर दिया था। इसके बाद 32 लाख रुपये देशपाल के परिजनों, एमडी, शाखा प्रबंधक, समिति पर कार्यरत कर्मचारियों ने जमा करा दिए थे। इस तरह घोटाला सामने आने पर पूरी जांच के लिए अपर जिला सहकारी अधिकारी बड़ौत राजीव शर्मा, अपर जिला सहकारी अधिकारी खेकड़ा गंगा शंकर, जिला सहकारी बैंक मेरठ के डीजीएम अनिल कुमार की जांच समिति बनाई गई थी।
अपर जिला सहकारी अधिकारी ने बताया कि मिनी बैंक में 2017 से अब तक की जांच की गई है। इसमें 45 लाख रुपये का नया घोटाला सामने आया है। इसमें किसानों की पासबुक में एंट्री कर दी जाती थी, लेकिन रुपये को बैंक में जमा नहीं कराया जाता था। इस मामले में पूर्व में रहे एक एमडी का नाम भी प्रकाश में आया है। इस संबंध में थाना दोघट पर तहरीर दी गई है। घोटाला करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
धनराशि वापस करने की मांग की गई
पीड़ित बृजपाल, वीर सिंह ने जिलाधिकारी और विभागीय अधिकारियों से अपने धनराशि को वापस करने की मांग की है। इनके खातों से मोटी रकम गायब है। समाजसेवी और आर्य समाज दोघट के मंत्री मांगेराम आर्य ने इस संबंध में एक शिकायती पत्र सहकारिता मंत्री व मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी डाला है। पीड़ितों का कहना है यदि उनके पैसे को वापस नहीं किया गया तो समिति कार्यालय पर धरना देने के लिए मजबूर होंगे।