इनके साथ ही अब अलावलपुर में मनरेगा में घपले का मामला आया है। वहां वर्ष 2021 से पहले जिन मजदूरों से कार्य कराना दिखाया गया है। वही मजदूर अन्य कई गांवों में कार्य कराने में कागजों में दिखाए गए हैं। इस तरह करीब बीस लाख रुपये का घपला इस गांव में बताया गया है। उनकी जांच कराने के लिए बीआरपी ईश्वर चंद त्यागी व एसपी चौहान की कमेटी बनाई गई। इन दोनों ने अपनी जान को खतरा व फर्जी मामले में फंसाए जाने का डर बताते हुए जांच करने से इंकार कर दिया।
डीडीओ को पत्र लिखकर फाइल लौटाई
ईआरपी की टीम ने डीडीओ को पत्र लिखकर बताया कि अलावलपुर में जिन मजदूरों से कार्य कराना दिखाया गया, उनसे ही अन्य कई गांवों में कार्य कराना दिखाया गया है। इसकी जांच के लिए गांवों में जाना पड़ेगा और इससे पहले भी एक बार जांच के लिए गांव में गए थे तो वहां मारपीट की गई थी। गांव में जांच के दौरान कोई घटना करके वहां जाने वालों को फर्जी भी फंसाया जा सकता है। इसलिए वे जांच करने में सक्षम नहीं है और वह एमआईएस का पूरा डाटा समेत फाइल को वापस लौटा रहे हैं।
अगर किसी जगह गड़बड़ी की शिकायत है तो उसकी जांच जरूर कराई जाएगी। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी, जिससे जांच शांतिपूर्ण तरीके से हो सके। जांच नहीं करने को लेकर जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक पत्र उनके पास नहीं आया है। -विद्यानाथ शुक्ल, सीडीओ