- जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर भर्ती कराई गई थी 14 स्टाफ नर्स
- एसीएमओ डॉ एसपी सिंह ने दर्ज कराया था कोतवाली में मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। स्वास्थ्य विभाग में सेंध लगाकर फर्जी ऑफर लेटर के जरिये भर्ती कराने की आरोपी सरिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खाते में 90 हजार रुपये की संदिग्ध ट्रांजक्शन हुई है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
28 नवंबर 2019 को तत्कालीन सीएमओ डॉ जितेंद्र वर्मा के निर्देशन में हुई जांच के बाद खुलासा हुआ था कि फर्जी ऑफर लेटर के जरिये 14 स्टाफ नर्स भर्ती हो गई हैं। एसीएमओ डॉ एसपी सिंह ने कोतवाली में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस विवेचना में बुलंदशहर के गुलावठी क्षेत्र के गिरधरपुर अगोता की रहने वाली सरिता का नाम सामने आया था। सरिता ने ही फर्जी ऑफर लेटर के जरिये भर्ती कराई थी। उसके खाते में 90 हजार रुपये की संदिग्ध ट्रांजक्शन मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। एक स्टाफ नर्स के परिवार ने रुपये देने की बात भी स्वीकार की है। सरिता मेरठ में एक निजी यूनिवर्सिटी में स्वास्थ्य कर्मी बताई गई है। विवेचक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि सरिता को राष्ट्रवंदना चौक से गिरफ्तार किया गया है।
क्या था मामला
ऑफर लेटर पर शक होने पर खुला था खेल
बागपत। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्टाफ नर्स की नियुक्ति की गई थी। सितंबर 2019 में हुई नियुक्तिों की शक होने पर जांच शुरू कराई गई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लखनऊ मिशन निदेशक को पत्र लिखकर ऑफर लेटर की जांच के लिए अनुरोध किया। स्वास्थ्य मिशन ने केंद्र सरकार की एजेंसी सैम्स (इम्पैनल्ड एजेंसी) से स्टाफ नर्स की बाबत पूछा। एजेंसी ने इनके ऑफर लेटर को फर्जी करार दिया था।
14 स्टाफ नर्स के खिलाफ भी मुकदमा
बागपत। जांच में 14 स्टाफ नर्स के ऑफर लेटर फर्जी पाए गए थे। सीएचसी बिनौली, बागपत, पिलाना, छपरौली और खेकड़ा में फर्जी ऑफर लेटर से नौकरी को ज्वाइन किया था। इनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। दो की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है।