राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा संल्लेखना पर रोक के विरोध में सोमवार को जैन समाज के लोगों ने बागपत, सरुरपुर, अग्रवाल मंडी टटीरी और अमीनगर सराय में मौन जुलूस निकाला। समाज के लोगों ने आदेश के विरोध में बाजार भी बंद रखे और कस्बा सराय में स्कूल भी बंद किए गए।
वंदना चौक पर काली पट्टी बांधकर मानव श्रंखला बनाई। बाद में समाज के लोगों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंप कर लगाई गई रोक को हटवाने की मांग की। समाज के लोगों का कहना था कि संल्लेखना जैसी धार्मिक क्रिया को प्रतिबंधित करने का आशय धार्मिक कार्य की पालना को प्रतिबंधित करने का है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जैन धर्मावलंबी स्वयं अथवा किसी अन्य पर किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करते हैं। एक जैन साधक आयु पर्यन्त अपनी आत्मा की शुद्धि और कर्मों की निर्जरा के लिए साधना करता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 व 25 में प्रत्येक भारतीय को अपने धर्म की पालना के साथ जीवन जीने का पूर्ण अधिकार है।
धर्म साधना को आत्महत्या या कुप्रथा के नाम पर प्रतिबंधित करने का आदेश जैन धर्मावलंबियों के मूल अधिकारों का हनन है। हाईकोर्ट ने संल्लेखना समाधि को आत्महत्या की श्रेणी में रखने से समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
समाज के लोगों ने बागपत, सरुरपुर, अग्रवाल मंडी टटीरी तथा कस्बा अमीनगर सराय में मौन जुलूस निकाला तथा नगर के वंदना चौक पर मानव श्रंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। कस्बा अमीनगर सराय में तो बाजार व स्कूल भी बंद कर दिया गया।
मौन जुलूस निकालने वालों में श्री दिगंबर जैन समाज बागपत, दिगंबर जैन महासमिति अग्रवाल मंडी टटीरी, दिगंबर जैन महासमिति उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड, हंसराज जैन, प्रमोद कुमार, सुनील, राकेश, नवनीत जैन, जनेश्वर दयाल जैन, अमित जैन, सरुरपुर में सुशील, पवन, प्रदीप, नवीन मोनू, नवीन मेघाराज मौजूद रहे।