सुमित एनकाउंटर में न्यायिक जांच की मांग को लेकर संघर्ष समिति बनाई गई है। इसमें सभी दलों के राजनैतिक और सामाजिक लोगों को शामिल किया गया। निर्णय लिया शीर्ष दलों के अध्यक्षों से मिलाकर प्रकरण को अवगत कराया जाएगा।
बुधवार को काका होराम सिंह लॉ कॉलेज में बैठक का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा सुमित प्रकरण में शासन और प्रशासन स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हत्याकांड को लेकर एक संघर्ष समिति का गठन किया गया है। इसमें सभी दलों के नेता और सामाजिक संगठनों लोगों को शामिल किया गया है।
खाप चौधरी और सभी समाज के प्रतिनिधियों को भी समिति से जोड़ा जाएगा। समिति के सभी पदाधिकारी सपा अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी, भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह से मिलकर प्रकरण को अवगत कराया जाएगा।
24 दिसंबर को सभी चिरचिटा गांव में पंचायत होगी। गजेंद्र सिंह बली, सुरेंद्र सिंह, कर्मवीर, रामपाल धामा प्रधान, प्रताप सिंह गुर्जर, योगेश प्रधान, महिपाल सिंह, जगमेहर पंवार सहित अन्य लोग शामिल रहे।
इन्हें लिया गया समिति में
संघर्ष समिति में रालोद के पूर्व विधायक महक सिंह, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, जुनेद फरीदी, डॉ. वीरेंद्र बैसला, महिपाल, संजय प्रधान, भोपाल सिंह पांचली, अभिषेक चौधरी, टीकम सिंह और जाहिद पठान को शामिल किया गया।