बागपत के फैजपुर-निनाना और बड़ौली गांव की विवादित भूमि में हरियाणा के लोगों द्वारा किया जा रहा बालू का रेत खनन यूपी-हरियाणा सीमा विवाद में उलझ गया है। मंगलवार को दोनों राज्यों के अफसरों ने खादर में पहुंचकर घंटों मंथन किया। इस दौरान उनके बीच लोगों की नोकझोंक भी हुई। तय हुआ जब तक भूमि की पैमाईश (समस्या का निरस्तारण) नहीं होगा तब तक क्षेत्र में खनन नहीं होने दिया जाएगा।
हरियाणा के लोग पिछले दो सप्ताह से यमुना खादर में जेसीबी से बड़े पैमाने पर रेत खनन कर रहे हैं। फैजपुर-निनाना के लोगों ने इसका विरोध किया। उनका दावा है उनके गांव की जमीन में हरियाणा के लोग अवैध रूप से खनन कर रहे हैं। उनकी शिकायत पर बागपत के प्रशासनिक अफसर कई बार वहा पहुंचे, लेकिन खनन बंद नहीं हुआ।
इस मामले में बागपत के अफसरों ने हरियाणा के अधिकारियों से संपर्क किया। मंगलवार को सोनीपत के एसडीएम, राजस्व और खनन अधिकारी, बागपत के एसडीएम राकेश कुमार सिंह, तहसीलदार अशोक चौधरी और खनन विभाग के अफसरों ने खादर में पहुंचकर घंटों मंथन किया। इस दौरान सोनीपत के राजस्व अधिकारियों ने बताया पट्टा धारकों को 68 हेक्टेयर के खनन का पट्टा दिया है।
यह पट्टा यमुना के पूरब की तरफ स्थापित है। तभी निनाना गांव के लोगों ने कहा दीक्षित अवार्ड के तहत जनपद की 168 हेक्टेयर जमीन हरियाणा में गई हुई है। उसकी पैमाइश करा दी जाए। ग्रामीणों ने अफसरों के सामने कहा जब तक भूमि की पैमाईश नहीं होगी। खनन नहीं होने दिया जाएगा।
डीएम हृदय शंकर तिवारी ने कहा दोनों प्रांतों के अधिकारी इस मामले के निस्तारण में लगे हैं। जब तक समस्या का निस्तरण नहीं होता तब तक क्षेत्र में खनन नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक को निर्देशित कर दिया गया है। बागपत में सिर्फ निवाड़ा में है पट्टा ः बागपत। खनन अधिकारी पीके सिंह ने बताया बागपत क्षेत्र में सिर्फ निवाड़ा में कोर्ट ने बसंती देवी को बागपत खदर में उप खनिज बालू उठाने की स्वीकृति दी है। पूरे जिले में किसी भी अन्य के पास पर बालू खनन और मिट्टी खनन का कोई पट्टा नहीं है।
नहीं चलने देंगे हरियाणा की मनमानी
बागपत। फैजपुर-निनाना प्रधान हरेंद्र चौधरी ने कहा हरियाणा के लोग अपनी मनमर्जी करना चाहते हैं। उनकी मनमानी नहीं होने दी जाएगी। जब तक भूमि की पैमाइश नहीं होगी, तब तक एक मुट्ठी रेत भी नहीं उठने दिया जाएगा।
आनाकानी कर रहेे हरियाणा के अफसर
बागपत। लोगों के अनुसार हरियाणा के अफसर निनाना के यमुना खादर की काफी भूमि पर हरियाणा का दावा कर रहे हैं। लेकिन जब उन्होंने जमीन की पैमाईश की बात की तो वे आना कानी करने लगे।