बागपत में आईटीबीपी के बर्खास्त सिपाही आदित्य उर्फ प्रिंस की हत्या का राज आखिरकार खुल ही गया। पुलिस का दावा है कि रोहित उर्फ बाबा का प्रिंस से लूट की रकम की हिस्सेदारी को लेकर झगड़ा हो गया था। इसी रंजिश में उसने प्रिंस की हत्या की है। कस्टडी रिमांड के दौरान रोहित ने इसका खुलासा किया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया है।
छपरौली क्षेत्र के गांव ककौर निवासी आदित्य उर्फ प्रिंस आईटीबीपी का बर्खास्त सिपाही था। वह अपने गांव के ही साथी रोहित के साथ मिलकर लूट और हत्या की घटनाओं को अंजाम देता था। तीन माह के अंदर उसने रोडवेज बस लूट की तीन घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस ने दो ही घटनाओं को अपने रिकार्ड में दर्ज किया था। इसके अलावा उसने किरठल गांव के किसान समेत तीन लोगों की हत्या और कई लूट की थी।
दोनों पुलिस के लिए सिरदर्द बनने लगे थे। छह जनवरी की सुबह प्रिंस का गोली लगा शव बासौली गांव के जंगल में मिला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। रमाला थाना पर अज्ञात में केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने रोहित पर उसकी हत्या करने की आशंका जताई थी। इसका पता लगाने के लिए पुलिस रोहित की गिरफ्तारी का प्रयास कर ही रही थी कि 11 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने उसे दबोच लिया था।
रमाला पुलिस ने शुक्रवार को रोहित को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया। रमाला सीओ राजवीर सिंह के मुताबिक रोहित ने पूछताछ में बताया कि उसका प्रिंस से लूट की रकम की हिस्सेदारी को लेकर विवाद हो गया था। प्रिंस ने उस पर तमंचा तान दिया था। तभी से उसे डर हो गया था कि प्रिंस उसकी कभी भी हत्या कर सकता है। उसने प्रिंस की हत्या करने की ठान ली थी। मौका मिलते ही उसने प्रिंस की हत्या कर दी। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया गया है।