सड़कों पर फेल हुए रोडवेज के दावे
बड़ौत। दीपावली व भैय्यादूज के लिए की गई रोडवेज विभाग की तैयारी सोमवार को फेल हो गई। अधिकांश मार्गों से बसें गायब थी, जिन मार्गों पर बसें चल रही थी, वहां यात्रियों की भारी भीड़ थी और बसों में उतरने व चढ़ने के लिए मारामारी मची रही।ट्रेनों का भी यही हाल रहा। आलम यह रहा कि भैय्यादूज पर्व पर घर जाने के लिए एक दिन पहले जो लोग घर से निकले उन्हें राहत नहीं मिली।
एआरएम योगेंद्रपाल ने बताया कि निगम की 71 व अनुबंधित 48 बसें है। नार्मल डे में सभी बसे तीन से चार से ट्रिप लगाती हैं, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए सभी बसों की ट्रिप तीन से बढ़ाकर छह कर दी गई है, ताकि यात्रियों को सफर करने में दिक्कतेें न हो। इसके अलावा देर रात्रि तक बसों का संचालन की व्यवस्था की गई थी। स्वयं एआरएम व बस परिचालन प्रभारी नरेंद्र मान ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया, लेकिन सोमवार को रोडवेज विभाग की यह व्यवस्था फेल होती नजर आयी। अधिकांश मार्गों पर बसें गायब थी, जहां पर यात्रियों को सफर करने के लिए डग्गामार वाहनों में दोगुना किराया देकर सफर करना पड़ा। जिस रूट पर बसें संचालित रही, उन रूट पर यात्रियों को उतरने-चढने व सीटें लेने को लेकर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई रूटों पर यात्रियों को खिड़कियां पर सफर करते हुए दिखा गया। यहां तक बसों की छतों पर भी यात्रियों को सफर करने को मजबूर होना पड़ा। यही हाल ट्रेनों का था। रेलवे स्टेशन पर जैसे ही ट्रेन आकर रूकती तो यात्रियों की भीड़ चढने के लिये उमड़ पड़ती थी। ट्रेनों की छतों पर यात्री सवार थे। डग्गामार वाहनों ने भी मनमाना किराया वसूला।
जाम से जूझते रहे लोग
बड़ौत। यूं तो हाईवे पर जाम की स्थिति पूरे दिन बनी रही। लेकिन छपरौली चुंगी पर कईं घंटों तक वाहन जाम में फंसे रहें। पुलिस को भी भारी मशक्कत के करनी पड़ी। यह नजारा शाम तक देखने को मिला।