बागपत में बैंकों के बाहर कतार में खड़े होने वाले लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। अग्रवाल मंडी टटीरी में सिंडीकेट बैंक के बाहर लोगों ने हंगामा किया। मेरठ मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक हंगामा होता रहा। उधर, दाहा के केनरा बैंक में लोगों ने तोड़फोड़ कर दी। लोगों का कहना है कि नोटबंदी करने से पहले बैंकों में कैश भिजवाया जाना चाहिए था।
टटीरी में सिंडीकेट बैंक के बाहर कैश लेने के लिए सैकड़ों लोग जमा थे। लेकिन बैंक कर्मचारियों ने कैश होने की बात से इंकार कर दिया। इस पर लोग नाराज हो गए। बागपत-मेरठ मार्ग पर हंगामा करते हुए जाम लगा दिया। बली यूथ ब्रिगेड के अविन, जगदीप शर्मा का कहना था कि कुछ बैंक कर्मचारी सही व्यवस्था नहीं कर रहे हैं, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। हंगामा बढ़ने पर चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह लोगों के बीच पहुंचे और एक घंटे में कैश आने और बांटे जाने का आश्वासन दिया। इस पर लोगों ने जाम खोल दिया। लेकिन एक घंटे बाद भी कैश नहीं आया तो फिर जाम लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद बागपत से कैश मंगाकर बांटा गया, तब यहां हालात सामान्य हुए। उधर, जाम से दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गई।
उधर, दोघट में केनरा बैंक शाखा दाहा में सुबह आठ बजे से लोग कैश लेने के लिए लाइन लगाकर खड़े हो गए। 10 बजे जब बैंक कर्मचारी ने गेट खोला तो लोगों में अफरातफरी मच गई। लोगों ने बैंक का मैन गेट तोड़ दिया। जब बैंक मैनेजर शील कुमार, फील्ड अफसर संजीव तोमर, ऑफिसर प्रदीप कुमार ने लोगों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने उनके साथ भी धक्कामुक्की की। सूचना पर पुलिस बैंक पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को बल प्रयोग कर लाइन में खड़ा किया। दो घंटे बाद बैंक में लेन-देन का कार्य शुरू हो सका।
कैश नहीं मिलने पर हंगामे के हालात
बागपत। स्टेट बैंक की शाखाओं को छोड़ दे तो अन्य बैंकों में कैश का वितरण नियमित रूप से नहीं हो पा रहा है, इस कारण हंगामे के हालात बने हुए हैं। बिनौली, बालैनी, छपरौली, खेकड़ा, चांदीनगर समेत जिलेभर में बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें हैं।
बंद पड़े एटीएम, कैसे समस्या हो खत्म
बागपत। कैश के लिए एटीएम सेवा पूरी तरह बाधित है। मंगलवार को अधिकतर बैंकों के एटीएम बंद रहे। पेट्रोल पंप के पास सिर्फ एसबीआई के एटीएम से ही लोग कैश की लाइन में लगे दिखे।