ब्लॉक स्तर पर रालोद अध्यादेश के विरोध में करेगा प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। रालोद जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना ने कहा कि केंद्र सरकार के अध्यादेश किसान विरोधी है। ब्लॉक स्तर पर विरोध होगा। चमरावल गांव में जहरीली शराब से पीने से मौत के मामले में पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा मिलना चाहिए। सरकार की नीतियां किसान विरोधी है।
सोनीपत स्टैंड स्थित कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में गठीना ने कहा कि अध्यादेश किसान विरोध है। सहकारी खेती का फार्मूला गलत है। किसान का भुगतान दिलाने, फसलों का वाजिब दाम दिलाने के बजाए सरकार किसान विरोधी अध्यादेश लाने का काम कर रही है। सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। सरकार का रवैया किसान विरोधी है। चमरावल गांव के पीड़ित परिवारों की आवाज को दबा दिया गया। प्रधान संगठन के अध्यक्ष रामपाल धामा ने कहा कि सरकार आमजन की समस्याओं को सुनें और प्राथमिकता से समाधान करें। मुर्दा मवेशियों के ठेके का हक ग्राम पंचायत को दिया जाना चाहिए, ताकि पंचायतों की आय बढ़ सके। ओमवीर तोमर, कृष्णपाल पाल, कलीम अल्वी, प्रमोद शर्मा, कृष्णपाल शर्मा, जगपाल तेवतिया मौजूद रहे।