बागपत में रालोद कार्यकर्ताओं ने बिजली की समस्याओं को लेकर ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में धरना देकर नारेबाजी की। उन्होंनेे 11 सूत्रीय ज्ञापन एडीएम को सौंपा। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में जमकर हंगामा किया। उन्होंने कहा बिजली तो मिल नहीं रही है, बिजली की दरें बढ़ाई जा रहीं हैं। किसानों की बिजली को उद्योगों पर खर्च किया जा रहा है। विधायक वीरपाल राठी ने कहा ऊर्जा निगम ने बिजली की दरें बढ़ाकर किसानों की कमर ही तोड़ दी है। गन्ना का भुगतान तो मिला नहीं, किसानों से वसूली की जा रही है।
कार्यकर्ताओं ने मांग की कि घरेलू बढ़ी हुई दरों को वापस लिया जाए, घरेलू कनेक्शन पर मीटर न लगाए जाए। 31 मई तक छूट देते हुए गन्ना भुगतान न होने तक पेनल्टी न ली जाए। फुंके ट्रांसफार्मर जल्द बदले जाए। निजी नलकूपों पर लो-वोल्टेज की समस्या खत्म कर अलग से लाइन की व्यवस्था की जाए। बढ़ी हुई दस और 12.5 हार्स पॉवर को माफ कर वापस लिए जाए। प्लास्टिक तार लगाए जाए, ताकि फसलों को बचाया जा सकता।
कस्बों में शहरी क्षेत्र के आधार पर बिल वसूला जा रहा है, जबकि बिजली ग्रामीण क्षेत्रों के आधार पर दी जा रही है इसे दूर किया जाए। रालोद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम प्रेषित 11 सूत्रीय ज्ञापन एडीएम राकेश कुमार मालपाणी को सौंपा। इनमें जिलाध्यक्ष धनपाल सिंह, पूर्व विधायक डॉ. अजय कुमार, सुभाष पहलवान, ओमबीर ढाका, धीरज उज्ज्वल, सराय चेयरमैन डॉ. मांगेराम यादव, सुरेश राणा, अजय सोलंकी, सुखबीर सिंह गठीना, कर्नल ब्रहमपाल तोमर, डॉ. कृपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
विधायक जी संबोधित करते रहे, लोग नींद लेते रहे
बागपत। रालोद का बिजली दफ्तर पर धरना चल रहा था और छपरौली विधायक वीरपाल राठी अपना संबोधन कर रहे थे, उनकी बातें सुनते ही कुछ कार्यकर्ताओं को नींद आनी शुरू हो गई। जब तक विधायक जी की बात खत्म हुई, तब तक कुछ कार्यकर्ताओं ने अपनी नींद पूरी कर ली।