छपरौली क्षेत्र में 15 दिन में दूसरी बड़ी वारदात
कानपुर की घटना के बाद प्रदेश सरकार ने ऑपरेशन क्लीन अभियान चलाकर बदमाशों को सबक सिखाने के निर्देश दिए हैं, वहीं छपरौली थाना पुलिस बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। 15 दिनों में दूसरी बड़ी घटना से क्षेत्र में दहशत है। उधर, रालोद नेता देशपाल की हत्या से पार्टी कार्यकर्ताओं में गुस्सा है। उन्होंने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए है।
बता दें कि 22 जून को 50 हजार रुपये के इनामी परमवीर तुगाना को गोली मार दी गई थी। पांच लोग भी घायल हुए थे। बाद में परमवीर की वेदांता अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस ने चुनावी रंजिश में हुई वारदात बताते हुए एक आरोपी सचिन खोखर को गिरफ्तार किया था।
इस वारदात की अभी कई परतें खुलनी बाकी है। मगर, मंगलवार की शाम एक बार फिर बदमाशों ने पुलिस को चुनौती देते हुए बदरखा हलालपुर मार्ग पर रालोद नेता देशपाल को गोलियों से भून कर हत्या कर दी।
देशपाल को तीन गोली लगी। एक गोली सिर, दूसरी पेट और तीसरी छाती में मारी गई। 15 दिन में हुई यह दूसरी बड़ी वारदात से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे है। रालोद के जिला अध्यक्ष सुखबीर सिंह गठीना का कहना है कि प्रदेश में गुंडाराज व्याप्त है। पुलिस बदमाशों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। देश पाल की हत्या से रालोद को गहरी क्षति पहुंची है। उन्होंने मामले के जल्द से जल्द खुलासे की मांग की है।
बदमाशों को पकड़ने के लिए की टीम गठित कर दी गई है। हत्या के कारणों की तलाश की जा रही है। जल्दी हत्या आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया जाएगा। - अजय कुमार सिंह, एसपी।
रालोद के सक्रिय सदस्य से थे देशपाल
बड़ौत। देशपाल रालोद के सक्रिय सदस्य थे। विधानसभा छपरौली से टिकट के दावेदार भी थे। छपरौली विधानसभा से उन्होंने वर्ष 2012 और 20 17 में टिकट को लेकर अपनी दावेदारी भी पेश की थी।