बागपत। रालोद नेताओं ने कहा केंद्र और प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल हो गई है। दोनों सरकारें किसान और मजदूर विरोधी है। अपराध बढ़ रहे हैं और किसानों को बकाया भुगतान नहीं मिला है। सीएम के नाम लिखित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
शनिवार को रालोद कार्यकर्ता कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। बढ़ते अपराध, गन्ना भुगतान और फसल बीमा योजना के नाम पर खाते से काटे जा रहे धनराशि को लेकर विरोध प्रकट किया। बताया गन्ना मिलों पर करोड़ों रुपये के ब्याज को माफ करने किसानों के साथ अन्याय है। सरकार से इस फैसले को वापिस करने की मांग की। मलकपुर मिल पर 250 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है, जिसका जल्द भुगतान किया जाए।
गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित और प्रदेश की सभी चीनी मिले अक्तूबर के अंत तक चलाई जाए। किसानों को 14 दिन में गन्ना भुगतान कराया जाना चाहिए। फसल बीमा के नाम पर किसानों के खाते से पैसा काटा जा रहा है, उस पर रोक लगे।
रालोद कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम डीपी सिंह को सौंपा। इसमें पूर्व विधायक डॉ. अजय कुमार, जिलाध्यक्ष सुखबीर सिंह, विधायक वीरपाल राठी, सुभाष पहलवान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष योगेश धामा, अश्वनी तोमर, रीता चौहान, युवा रालोद के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र तोमर, कपिल चौधरी, डॉ. अजय तोमर, ओमबीर ढाका, संदीप चौधरी, अरुण तोमर बॉबी, ओमपाल सिंह उज्ज्वल, कर्नल ब्रह्म पाल तोमर, सुभाष नैन, राजू तोमर सिरसली आदि रहे।
नजरअंदाज किया तो भड़के कार्यकर्ता
बागपत। रालोद का कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन चल रहा था। इस दौरान एडीएम डीपी सिंह धरने की बगल से यह कहते हुए अपने कार्यालय में चले गए कि जब ज्ञापन देना होगा, बुला लेना। रालोद कार्यकर्ता इस पर भड़क गए। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ता देखकर एडीएम कुछ देर बाद रालोद के धरने पर पहुंचे और कहा उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया है। उनका मकसद किसी के सम्मान को ठेस पहुंचाने का नहीं था।