बागपत। एसपी कार्यालय का घेराव करने के बाद बुधवार को प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ जिला पंचायत सदस्य शाहिदा बेगम का मकान गिराने पहुंच गया था। विरोध के चलते टीम को लौटना पड़ा। हालांकि अधिकारियों ने जिपं सदस्य के परिवार को एक दिन का समय दिया था। शुक्रवार को फिर से टीम के आने की आशंका में रालोद नेता अब शाहिदा बेगम के घर पर डेरा डालेंगे।
जिला पंचायत सदस्य शाहिदा बेगम के पति फखरुद्दीन पर खाद के गड्ढों की भूमि पर घर का निर्माण कराने का आरोप है। प्रशासन ने उन पर 96.60 लाख का जुर्माना लगाते हुए घर पर नोटिस चस्पा किया था। बुधवार को रालोद-सपा के एसपी कार्यालय के घेराव के बाद पुलिस-प्रशासन की टीम उनका मकान गिराने जेसीबी लेकर पहुंच गई थी। ग्रामीणों के साथ रालोद और सपा नेताओं ने इसका जबरदस्त विरोध किया था। इसके चलते प्रशासनिक अमला फखरुद्दीन के परिवार को एक दिन का समय देकर लौट आया था।
रालोद के राष्ट्रीय सचिव डॉ. कुलदीप उज्ज्वल का कहना है कि बुधवार को हुए घटनाक्रम के बाद अब बागपत के पुलिस-प्रशासन पर भरोसा नहीं रह गया है। इस संबंध में कमिश्नर सुरेंद्र सिंह से बात की गई है। उन्होंने बागपत के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। फिर भी हम शुक्रवार से शाहिदा बेगम के मकान पर डेरा डालने की योजना बना रहे हैं। ताकि जिला प्रशासन को कोई भी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करने से रोका जा सके। हम प्रशासन के साथ आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए भी तैयार हैं।