जिन्हें जरूरत, उन तक नहीं पहुंच रहा चावल
बागपत। कोरोना संक्रमण काल में राशन कार्ड धारकों को नि:शुल्क बांटे जा रहे चावल की काला बाजारी का खेल खेला जा रहा है। आपूर्ति विभाग में राशन वितरण नहीं किए जाने की शिकायतें आए दिन पहुंच रही हैं। अवैध तरीके से बिक्री का खेल खुल चुका है। अमीनगर सराय में 327.25 क्विंटल चावल पकड़ा गया था। यह चावल बागपत और मेरठ जिले से खरीदा गया था। सराय में बाजार और आटा चक्कियों पर ठिकाने लगाने के लिए चावल को लाया गया था, लेकिन ऐन वक्त पर आपूर्ति विभाग और पुलिस ने छापेमारी कर खेल पकड़ लिया।
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पुलिस और आपूर्ति विभाग के दावे
बागपत। पुलिस ने खुलासा किया कि चावल को बड़ौत के गोदाम से चोरी किया गया था और सराय में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। आपूर्ति विभाग ने दावा किया कि बड़ौत गोदाम में चावल के बोरे पूरे हैं, वहां से चोरी नहीं की गई। दोनों विभाग अपने-अपने दावे कर रहे हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी अभय प्रताप का कहना है कि मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है, जांच चल रही है।
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यह दर्ज हुआ था मुकदमा
बागपत। बड़ौत के पूर्ति निरीक्षक अमरेश भटनागर ने बताया कि सोमवार को अमीनगर सराय में 327.25 क्विंटल सरकारी चावल पकड़ा। जांच में औसिक्का निवासी ट्रक चालक सलीम पुत्र अब्दुल रहमान, मेरठ के कलीना निवासी उपेंद्र, बड़ौत निवासी सोनू, गुराना निवासी अखिल कुमार और मेरठ निवासी पिंकी चिन्योटी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 56 में मुकदमा दर्ज कराया। अभी तक की जांच में सामने आया है कि कोविड 19 में राशन कार्ड धारकों को नि:शुल्क वितरण के लिए जो चावल लाया जाता है, उसकी अवैध तरीके से आरोपी खरीद करते हैं। इसके बाद इस चावल को बाजार में बेच देते हैं।
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ऐसे हुई सरकारी चावल की पुष्टि
बागपत। जिला आपूर्ति अधिकारी अभय प्रताप ने बताया कि सभी बोरे सरकारी लाल और नीली सिलाई से सिले हैं। औसत वजन 50.26 किलोग्राम आता है, जिससे चावल के सरकारी होने की पुष्टि हुई थी। प्रकरण की जांच चल रही है।
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16 लाइसेंस निरस्त, रोशनगढ़ में चल रही कार्रवाई
बागपत। हंगामे और विरोध के बीच पिछले दो महीने में 16 राशन की दुकानों के लाइसेंस निरस्त हो चुके हैं। रोशनगढ़ गांव की दुकान की जांच चल रही है।
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