गांगनौली गांव का मामला, छत पर पहुंचे बंदरों से कपड़े छुड़ाने का कर रहे थे प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट (बागपत)। गांगनौली गांव में बुधवार को मकान की छत पर सेवानिवृत्त शिक्षक पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। हमले से बचने में सेवानिवृत्त शिक्षक छत से गली में गिर गए। परिजनों ने उन्हें बड़ौत के नर्सिंग होम में भर्ती कराया। चिकित्सकाें ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गांगनौली गांव के रहने वाले राजेंद्र सिंह (63) पुत्र कटार सिंह राजस्थान में सरकारी स्कूल में शिक्षक थे। दो वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त होने के बाद से गांव में रहने लगे। राजेंद्र सिंह के मकान की छत पर बुधवार की सुबह कपड़े सूख रहे थे। सुबह करीब आठ बजे छत पर पहुंचे बंदरों ने कपड़ों को फाड़ना शुरू कर दिया। राजेंद्र सिंह डंडा लेकर बंदरों को भगाने छत पर पहुंचे। बंदरों के झुंड ने सेवानिवृत्त शिक्षक पर हमला कर दिया। हमले से बचने के प्रयास में वे छत से नीचे गली में गिर गए और घायल हो गए। परिजनों ने उन्हें बड़ौत के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने उन्हें को मृत घोषित कर दिया। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बंदरों के आतंक से परेशान है ग्रामीण
सेवानिवृत्त शिक्षक की मौत होने के बाद ग्रामीणों ने बंदरों के आतंक से परेशान होने की समस्या भी बताई। ग्रामीण राजेश, विक्रम, आदि का कहना है कि बंदर छतों पर सूखे कपड़े उठाकर ले जाते है और सामान भी क्षतिग्रस्त कर देते है। उन्होंने अधिकारियों से बंदरों को पकड़वाने की मांग की। मृतक राजेंद्र सिंह की पत्नी मिथलेश, बेटे विनीत व अमित ने भी वन विभाग से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।