वकील ने पत्नी का निकिता नर्सिंग होम में कराया था पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन
चिकित्सकों पर आम पित्त नली काटने का आरोप, कोर्ट के आदेश पर दर्ज की गई रिपोट
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मुन्ना लाल एंकलेव स्थित निकिता नर्सिंग होम में वकील की पत्नी का ऑपरेशन करके जान जोखिम में डालने के आरोप में डाक्टरों पर एफआईआर दर्ज की गई है। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज करके पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
नगर निवासी वकील दीपक कुमार ने कोर्ट में याचिका डाली थी कि 13 अप्रैल 2021 को उनकी पत्नी शिवांगी को पित्त की थैली में पथरी होने के कारण दर्द हो रहा था। वह उसको निकिता नर्सिंग होम में लेकर पहुंचे तो खुद को डाक्टर बताने वाली सीमा व सतीश ने बताया कि शिवांगी का ऑपरेशन दूरबीन विधि से करना पड़ेगा। ऐसा नहीं करने पर पित्त की थैली फटने से उसकी मौत हो जाएगी। इसके बाद उसकी पत्नी का सोनीपत के डा. संतोष कुमार को बुलाकर ऑपरेशन कराया गया। आरोप है कि उसकी पत्नी की कॉमन बॉयल डक्ट (आम पित्त नली) को काटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया और इस बारे में उसे व पत्नी को नहीं बताया गया। अगले दिन दोपहर को सबकुछ सही बताकर छुट्टी कर दी गई। लेकिन ऑपरेशन के बाद से उनकी पत्नी की हालत खराब रहने लगी तो उसे दिखाने पर दवाई दे गई। करीब पंद्रह दिन बाद उनकी पत्नी का पेट फूल गया तो वह फिर से निकिता नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। जहां से उनको अन्य जगह भेजकर परेशान किया गया, लेकिन उसके बाद भी पत्नी के ठीक नहीं होने पर वह मेरठ के एक निजी अस्पताल में लेकर गए।
यहां बताया गया कि उनकी पत्नी की बॉयल काटकर क्षतिग्रस्त कर दी गई है, इसलिए उनके दो ऑपरेशन करने होंगे। दो ऑपरेशन करने के बाद उनकी पत्नी की जान बच सकी। आरोप है कि उनसे निकिता नर्सिंग होम में डेढ़ लाख रुपये लिए गए और उसकी कोई रसीद व उपचार की फाइल तक नहीं दी गई। वह उनसे रसीद लेने पहुंचे तो धमकी दी गई। सीजेएम प्रीति सिंह ने मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि निकिता नर्सिंग होम के डाक्टरों पर एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।