फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat News: परब्रह्म को जाने बिना अहंकार का त्याग संभव नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
-दिगंबर जैन मुनि आचार्य विशुद्ध महाराज का ससंघ बागपत में स्वागत किया गया
विज्ञापन

फोटो - 6
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिगंबर जैन मुनि आचार्य विशुद्ध महाराज ने कहा कि संसार में सभी जीव एक समान हैं। प्रत्येक आत्मा में अपना कल्याण करने और सिद्ध बनने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि अपने से छोटे को समान दृष्टि से देखने से ही विशालता का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आदमी को उच्चता प्रदान करने वाला छोटा आदमी ही होता है।
विज्ञापन

बड़ौत से बृहस्पतिवार को 37 मुनियों के साथ बागपत पहुंचे जैन मुनि आचार्य विशुद्ध महाराज का जैन समाज के लोगों ने बैंड बाजों के साथ स्वागत किया। आचार्य ने नगर के दिगंबर जैन मंदिर में प्रवचन करते हुए कहा कि जब हम छोटे पौधे में सिंचाई की द़ृष्टि से पानी डालते हैं तो वह पौधा वट वृक्ष बनकर शीतल छाया प्रदान करता है। ठीक उसी प्रकार आपका दूसरे व्यक्ति के साथ किया गया व्यवहार ही आपको उसकी दृष्टि में उच्चता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि परब्रह्म को जाने बगैर ऊंच-नीच और अहंकार का त्याग करना संभव नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने विदेश में फंसे नागरिकों को उनका धर्म और जाति जाने बगैर देश में लाने की व्यवस्था कराई थी। इस मौके पर अखिल भारतीय विद्धत परिषद के अध्यक्ष श्रीयांश जैन, जैन समाज के अध्यक्ष पंकज जैन, महामंत्री अतुल जैन, बिजेंद्र जैन, मुन्ना, पीयूष जैन, राकेश मित्तल, पंडित हंसराज, प्रहलाद जैन मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें