जिले में शुक्रवार को बादल गरज-गरजकर दिनभर बरसें। इस बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी और आलू एवं सरसों की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों के चेहरे खिलाए। वहीं बारिश के साथ तेज हवाओं ने मुश्किलें भी खड़ी कीं।
खेतों में तैयार धान की फसल गिर गई। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पैच वर्क का काम रुक गया। वाहनों के रेंगने से जाम की हालत रही। शहर और आसपास के इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी हुई।
शुक्रवार को जिले में दिनभर बारिश हुई। अल सुबह से ही आसमान में बादल छा गए थे। दोपहर तक बूंदाबांदी होती रही। शाम करीब तीन बजे तेज बारिश हुई, जिससे सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। शहर की कई कॉलोनियों में भी पानी भर गया। दिन में अधिकतर समय लोग अपने घरों पर ही रहे। सरकारी दफ्तरों पर भी लोगों की आवाजाही कम रही। सड़कों पर वाहन कम दिखे। तापमान गिर जाने से लोगों को गर्मी से निजात मिली।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री से गिरकर 27 डिग्री तक पहुंच गया। जिला कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के प्रभारी डॉ गजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि आलू और सरसों की बुआई की तैयारी कर रहे किसानों को खेत की सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। गन्ने और धान को लाभ होगा।
हवा अधिक तेज नहीं चली। इसलिए अधिकतर क्षेत्रों में फसलों के गिरने की संभावना कम है। जिन किसानों ने पहले से सिंचाई कर रखी थी। उनके खेतों में फसलें गिर सकती है। धान पक चुका है। उधर, बारिश की वजह से दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर वाहन रेंगकर निकले।
गौरीपुर मोड पर पैच वर्क का कार्य रोक देना पड़ा। मेरठ रोड, बंथला मार्ग पर गड्ढ़ों में पानी भर गया। इसमें कुछ वाहन दुर्घटनाग्रस्त भी हुए। गौरीपुर मोड के टी-प्वाइंट के कीचड़ बन गया। शनिवार को भी बरसात की संभावना है।
खेकड़ा में शुक्रवार सुबह हुई बारिश से मार्गों पर जलभराव के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। गन्ना, धान आदि की फसलों के लिए यह बेहतर है।
दोघट के चौगामा क्षेत्र में हो रही बारिश से जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया। गांवों में बारिश का पानी गलियों में भर गया। लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय तेज बारिश शुरू हो गई और शाम तक चलती रही। बारिश के कारण क्षेत्र के अधिकतर गांवों में जल भराव की समस्या उत्पन्न हो गई।