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क्लीन चिट मिलने पर जेल से रिहा

Sat, 18 Jun 2016 12:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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शुक्रवार को घर पहुंचे सोनू, मोनू, हितेश से वार्ता करते भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर व समाज के लोग। - फोटो : amar ujala
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बागपत में युवक फरीद की हत्या के मामले में जेल में बंद तीन युवक 48 दिन बाद केस में क्लीन चिट मिलने पर गुरुवार रात जेल से रिहा हुए। देर रात वे बागपत अपने घर पहुंचे। लाडलों को देख उनके परिजनों के चेहरे खिल उठे। 
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बागपत के देवी चौक निवासी फरीद की शहर के यमुना रोड पर 27 अप्रैल को गोली लगने से मौत हो गई थी। इसे लेकर शहर में भारी हंगामा हुआ था। फरीद के पिता ने दो कांस्टेबलों जितेंद्र व रघुवीर, भाकियू नेता चमन सिंह के दो बेटों सोनू और मोनू व व्यापारी नेता नंदलाल डोगरा के भतीजे हितेष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने 28 अप्रैल को चार आरोपियों कांस्टेबल जितेंद्र, सोनू, मोनू और हितेष को गिरफ्तार कर लिया था। लंबी पूछताछ के बाद 29 अप्रैल को पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। तभी से वे जेल में थे।

केस की विवेचना के आधार पर कोतवाली पुलिस ने बुधवार को आरोपी तीनों युवक सोनू, मोनू और हितेष को क्लीन चिट दे दी थी। गुरुवार रात को युवकों को जेल से रिहा किया गया। हाल जानने के लिए परिचितों का उनके घर जमावड़ा लग गया। शुक्रवार को पूरे दिन उनके घर लोगों का तांता लगा रहा। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, राजीव गुप्ता, बाबू जगमाल, नरेंद्र, संजीव प्रधान, महेश आर्य, प्रधान जोगेंद्र फौजी इस दौरान मौजूद रहे।
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बरस जैसा गुजरा एक-एक दिन
रिहा होकर लौटे सोनू, मोनू और हितेष ने परिजनों से अपनी पीड़ा बयां की।  उनका कहना है कि उन्होंने तो सपने में भी नहीं सोचा था कि वे जेल चले जाएंगे। वहां एक-एक दिन एक-एक साल के बराबर गुजरा। हितेष का कहना है कि वह सोनीपत में आर्किटेक्चर की पढ़ाई कर रहा है। इस दौरान उसका पेपर भी छूट गया। 
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