बागपत के बड़ौत तहसील के सब रजिस्ट्रार राम किशोर और उनके पड़ोसी राजवीर की हत्या के चश्मदीद गवाह रामकिशोर के बेटे सुगम किशोर पर पुलिस सुरक्षा में शनिवार दोपहर जानलेवा हमला हुआ। आरोप है कि केस में फैसला नहीं करने पर 50 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर परमवीर तुगाना ने अपने भाई और साथियों के साथ मिलकर उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी पर फायर किया। पीड़ित सुगम किशोरी खेकड़ा तहसील में निबंधक लिपिक है।
बड़ौत क्षेत्र के गांव ट्यौढ़ी निवासी सुगम किशोर ने बताया वह खेकड़ा तहसील में निबंधक लिपिक के पद पर तैनात है। शनिवार को वह अपने कार्यालय के काम से एनआईसी ऑफिस कलक्ट्रेट में आया था। काम पूरा होने के बाद करीब 12 बजे वापस अपने ऑफिस में स्कॉर्पियो से जा रहा था। गाड़ी में उसका भाई नितिन, भांजा रूपक के अलावा दो पुलिसकर्मी सुधीर त्यागी और सत्यप्रकाश शर्मा मौजूद थे। जैसे ही उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी मवी कलां में खेकड़ा तहसील के पास पहुंची, तभी ट्रक के बराबर से उनकी गाड़ी पर फायर हुआ। जो गाड़ी के पीछे की तरह शीशे में लगा। उनका आरोप है 50 हजार रुपये के इनामी परमवीर तुगाना, उसके भाई कृष्णवीर, भतीजे चीनू के अलावा दो अन्य लोगों ने हमला किया है।
उन्होंने कहा हमले का षड्यंत्र दिल्ली पुलिस के सिपाही प्रवेश राठी निवासी टीकरी ने रचा है। आरोपियों ने 12 अगस्त 2014 को उसके पिता रामकिशोर और पड़ोसी राजवीर की पुलिस सुरक्षा में हत्या की थी। वह केस का मुख्य गवाह है। आरोपी उस पर फैसले का लगातार दबाव बना रहे हैं। न मानने पर आरोपी लगातार उस पर अटैक कर रहे हैं। आरोप है कि पिछले दो-तीन दिन से एक सफेद स्कॉर्पियो उनका पीछा कर रही थी। इसकी जानकारी बड़ौत पुलिस को दी थी। उसने कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। सीओ कर्मवीर सिंह ने कहा इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई होगी।
हत्या होने के बाद ही पुलिस को दिखाई देती है गोली
बागपत। सुगम किशोर ने कहा पुलिस उसकी गाड़ी पर ईट और पत्थर लगना मान रही है। जबकि वह कह रहा है कि उनकी गाड़ी पर फायर हुआ है, लेकिन पुलिस मानने को तैयार नहीं है। यह पहला मामला नहीं है। उसके पिता की हत्या होने से पांच दिन पहले बड़ौत में उन पर फायर हुआ था। घटना की पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने उनकी बात पर विश्वास नहीं किया था। पांचवें दिन उनके पिता की हत्या हो गई थी।
परमवीर की गोली से तो अच्छा खुद ही आत्महत्या कर लूंगा
बागपत। स्कॉर्पियो के शीशे पर हुए निशान की पुलिस अफसर फोरेंसिक टीम से जांच करने में जुट गए। इस पर सुगम किशोर और उसके परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने कहा पुलिस को उन पर विश्वास नहीं है। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। उसने पुलिस के सामने कहा परमवीर उन पर लगातार अटैक कर रहा है। पुलिस को उनकी बात पर विश्वास नहीं है। इससे तो अच्छा है परमवीर की गोली से मरने के बजाए खुद ही अपने घर पर आत्महत्या कर लेंगे।