बागपत-मेरठ मार्ग पर जाम में फंसे वाहन चालक।
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बागपत में यूपी-हरियाणा बार्डर पर स्थित निवाड़ा पुल की मरम्मत के कारण यातायात व्यवस्था बनाने के लिए बनाए गए अस्थायी पुल पर वसूली रोकी तो ठेकेदारों ने पुल को ही तोड़ दिया। अस्थायी पुल से वाहनों का आवागमन बंद करा दिया गया। इससे सोनीपत मार्ग पर एक बार फिर से जाम लगने लगा है।
15 दिन पूर्व निवाड़ा पुल की मरम्मत के कारण यातायात को सुचारु कराने के लिए यमुना में अस्थायी पुल का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि पुल का निर्माण करने वाले ठेकेदारों को पुल बनाने का पैसा नहीं मिला तो ठेकेदारों ने वाहनों से अवैध वसूली शुरू कर दी। हल्के वाहन से 100 रुपये और भारी वाहन से 500 रुपये तक लिए जाने लगे। वाहन चालकों ने इसका जमकर विरोध किया। लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से वसूली कराने का आरोप लगाया।
जिस पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए वसूली को रुकवा दिया। इस दौरान पुल बनाने वाले ठेकेदारों ने प्रशासन से पुल के निर्माण में आया खर्च देने की भी मांग की। मगर, कहीं से भी कोई बजट देने को तैयार नहीं हुआ। आरोप है कि ठेकेदार ने फिर से वसूली शुरू की तो पुलिस ने फिर सख्ती दिखाई। गुस्से में आकर ठेकेदार और उसके कर्मचारियों ने पुल पर वाहनों का आवागमन बंद करा दिया। यहां तक कि पुल को बीच से खोद डाला। इससे वाहनों का आवागमन रुक गया। एक ओर से चलने के कारण सोनीपत रोड पर फिर से जाम लगने लगा। शुक्रवार को लगभग तीन किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा।
निवाड़ा पुल की मरम्मत करा रहे लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता बालेंद्र कुमार ने बताया कि पुल का निर्माण किसने कराया? क्यों कराया? उन्हें कोई जानकारी नहीं है। यातायात को निकालने के लिए उनके पास डीएम के दो ही आर्डर हैं। एक में तो आधे-आधे पुल की मरम्मत करके एक ओर से वाहनों को निकालने के आदेश हैं, दूसरा शामली से ही वाहनों का रूट डायवर्जन कर जाम की समस्या खत्म किए जाने के आदेश हैं। अस्थायी पुल से किसी का कोई लेना-देना नहीं है।