पुलिस की ओर से दो माह पूर्व कराए गए किराएदारों और नौकरों के सत्यापन में हुआ खुलासा
लोनी, कैराना, कांधला, मेरठ, शामली, अलीगढ़, बिहार आदि जगहों के रहने वाले है ये लोग
बड़ौत (बागपत)। जनपद में 350 से अधिक लोग अजनबी बनकर रह रहे है। इसका खुुलासा पुलिस की ओर से दो माह पूर्व कराए गए किराएदारों और नौकरों के सत्यापन में हुआ है। यह लोग लोनी, कैराना, कांधला, मेरठ, शामली, अलीगढ़, बिहार आदि क्षेत्रों के रहने वाले है। खास बात यह है कि इन लोगों के पास कोई भी पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या अन्य प्रमाण पत्र नहीं है। ये सभी घरों, दुकानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों सहित बड़े किसानों के यहां पर किसी ना किसी रूप मेें नौकरी कर रहे है। पुलिस की ओर से अब कि इन लोगों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
क्यों जरूरी है सत्यापन
सीओ हरीश भदौरिया ने बताया अधिकांश लोग घरों में किरायेदार या नौकर तो रख लेते हैं लेकिन सत्यापन नहीं कराते। मुमकिन है किरायेदार के रूप में आपके घर में अपराधी शरण ले रहा हो। इसी को लेकर पुलिस विभाग के अफसरों के निर्देशों पर दो माह पूर्व किराएदारों व नौकरों का सत्यापन कार्य कराया गया था।
ऐसे कराएं सत्यापन
सीओ हरीश भदौरिया ने बताया कि मकान में रहने वाले किरायेदार का सत्यापन अनिवार्य है। इसके लिए पुलिस थाने जाकर अथवा यूपी पुलिस की वेबसाइट पर किरायेदार फॉर्म डाउनलोड कर सकते है। फार्म में घर में रखे नौकर या किरायेदार का पासपोर्ट साइज फोटो, नाम-पते को सत्यापित करने वाली फोटो आइडी (आधार कार्ड, राशनकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, फोटो मतदाता पहचान पत्र, बैंक पास बुक, मोबाइल नंबर आदि) लगाकर भर सकते हैं। फिर इसे थाने में जमा कराएं।
जब नौकरों ने किया विश्वासघात
केस नंबर एक: 10 जनवरी 2022 को ढिकाना गांव में हरवीर पुत्र रणधीर के नौकर राजू उर्फ राजन पुत्र बचनू निवासी अजरौली थाना धूमालिया जनपद अयोध्या ने उसके बेटे सोहित का अपहरण कर लिया था। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कोतवाल ने बताया कि आरोपी पहले भी अलीगढ़ में चोरी की घटना को अंजाम दे चुका था।
केस नंबर दो : 2 जून 2019 को छपरौली कस्बे के कपड़ा व्यापारी राकेश की दुकान पर ही नौकरी करने वाले गोविंद ने व्यापारी से 20 लाख की रंगदारी मांगी थी। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर रंगदारी की घटना का खुलासा किया था। आरोपी गोविंद पहले भी मारपीट व लूटपाट का प्रयास कर चुका था।
केस नंबर तीन : 25 अक्टूबर 2018 को नगर निवासी व्यापारी अनिल जैन और उसके बेटे अविनाश पर दो-तीन बाइक सवार नकाबपोश युवकों ने गोली चला दी थी। इसमें दोनों बाल-बाल बच गए थे। बदमाश उनके हाथ से रुपयों से भरे बैग को लूटकर भाग गए थे। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए व्यापारी की दुकान पर नौकरी करने वाले अजय को गिरफ्तार किया था और उनसे 1.20 लाख रुपये भी बरामद किए थे। नौकर अजय ने भी लूटपाट की योजना बनाई थी।
केस नंबर चार : 11 दिसंबर 2019 को बागपत निवासी व्यक्ति के यहां नौकरी करने वाला युवक ने उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ कर दी थी। विरोध करने पर आरोपी युवक युवती को उसके पिता की हत्या करने की धमकी देता था। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी जावेद निवासी कैराना को गिरफ्तार किया था। आरोपी जावेद कांधला में हुई एक चोरी की घटना में पहले भी जेल जा चुका था।
मकान में रहने वाले किरायेदारों व नौकर का सत्यापन कार्य जरूरी है। बताया कि सत्यापन के दौरान लगभग 350 से अधिक लोग अजनबी मिले है। जिनमें बड़ौत नगर में लगभग 210 से अधिक लोग है, बाकि गांव-देहात से संबंधित है। उनका अपराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा है। क्योंकि पहले भी जनपद में नौकर बनकर काम करने वाले लोग कई अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुके है। अनाधिकृत कॉलोनियों में तो स्थिति बहुत खराब है। बहुत से लोग अपनी पहचान छिपाकर किराएं पर रह रहे है। - हरीश भदौरिया, सीओ।