बागपत। डीडीओ हुबलाल को छपरौली विकास खंड के टांडा व बौढ़ा गांव के निरीक्षण में खामियां मिली। गांवों में चल रहे विकास कार्यों में अनियमितता बरती गई है। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी का स्थानांतरण दूसरे विकास खंड में कर उनके निलंबन की संस्तुति की है। ऑडिट कार्य अपूर्ण मिलने पर लेखाकार शिव कुमार के जून माह के वेतन पर रोक लगाकर स्पष्टीकरण मांगा है। बीडीओ व एडीओ को सात दिन में 25 दिसंबर 2020 से एक मई तक विकास कार्यों पर व्यय की गई धनराशि का ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
डीडीओ हुबलाल ने बताया कि उन्होंने 14 जून को विकास खंड छपरौली की बौढ़ा और टांडा ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में वित्तीय नियमों को अनदेखा करते हुए भुगतान किया गया है। कई निर्देशों के बावजूद मनरेगा योजना में लापरवाही बरती गई। ग्राम पंचायतों में किया गया भुगतान गबन की श्रेणी में आता है। इस पर उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी गौरव राणा को अन्य विकास खंड में स्थानांतरित कर उनके निलंबन की संस्तुति की है। उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर 2020 को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूर्ण होने पर एडीओ प्रशासक नियुक्त किए गए थे। प्रशासकों ने ग्राम पंचायत सचिवों के साथ मिलकर धनराशि का भुगतान किया है। दो मई को मतगणना के बावजूद ग्राम पंचायतों में एक मई को भुगतान किया है। इससे भुगतान में संदेह की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने छपरौली ब्लॉक के बीडीओ व एडीओ को सात दिन में 25 दिसंबर से एक मई तक कराए गए कार्यों और व्यय का ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।