स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने देश भक्ति से ओतप्रोत पाठ प्रस्तुत कर सभी को भाव विभोर कर दिया।
रविवार की शाम स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर समाज सेवी आदर्श गुप्ता के आवास पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ पूर्व प्रधानाचार्या राज गोस्वामी ने दीप प्रज्वलन कर किया।
कवि आदर्श गुप्ता ने कहा कि ‘मां बहन नहीं सुरक्षित यहां, भविष्य में है अंधकार, वो दोनों अकेली क्या कर लेंगी, जब रिश्ते हुए तार तार’। कवि नरेंद्र गुलशन ने कहा कि ‘अब आसमां को अंगुली उठाने लगे है लोग, सूरज को अंधकार बताने लगे है लोग’।
कवि गजेंद्र गजानन ने कहा कि ‘राम रहीम दोनों भाई, करो ना तुम लड़ाई, राम राज्य जैसा राज्य होना चाहिए, सभी करे एक दूसरे को प्यार, ऐसा देश में प्रचार होना चाहिए’।
कवि राज गोस्वामी ने कहा कि ‘लिख दी शौर्य की गाथा जिन्होंने कारगिल जाकर, कलम भी धन्य हो उठी, उन्हीं के गीत गा गाकर’। कवि गजेंद्र गजानन ने कहा कि ‘मां तेरे लाल का संदेश आया है, मोदी जी ने जवानों का हौसला बढ़ाया है, आदत थी जवानों को बचपन से जीतने की, आज सरहद पर जवानों ने तिरंगा लहराया है’।
इसके अलावा विजय शंकर शर्मा, नगेंद्र प्रसाद द्विवेदी, विजयपाल सिंह, विष्णु गुप्ता, राकेश आचार्य आदि ने काव्य पाठ किए। कार्यक्रम में प्रधानाचार्या संध्या गुप्ता ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया। इस दौरान चंद्र विज्ञान गुप्ता, राकेश आचार्य, काजी उम्मीद अली, शौकत अली, गोपाल शर्मा समेत अनेक कवि एवं श्रोता मौजूद रहे।