रक्षाबंधन पर रोडवेज की व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई।
बहन-भाई के रेशमी धागों के स्नेह बंधन के सामने रोडवेज काफी कम पड़ गईं।
लोगों को घंटों तक खड़े रहकर रोडवेज की बसों का इंतजार करना पड़ा। मांग किए
जाने के बावजूद रोडवेज ने अतिरिक्त बसों की कोई व्यवस्था नहीं की। हालत यह
हो गई कि बहनों को बसों की खिडकियों पर लटकर, छतों पर बैठक सफर करना पड़ा।
डग्गामार वाहनों का सहारा लेने के लिए विवश होना पड़ा। ट्रेनों में भी
लोगों ने जान जोखिम में डालकर सफर किया।
कई घंटे रहा जाम
बागपत। रक्षाबंधन पर बहनों को इस बार भी जाम के झाम से जूझना पड़ा। शहर में तो जाम की स्थिति बनी ही रही। लेकिन मेरठ रोड पर हिंडन पुल पर सुबह से शाम तक जाम लगा रहा। एक-एक वाहन हो निकलने में 6-6 घंटे लग गए। मेरठ की ओर तो डालूहेड़ा से भी आगे तक लंबी कतार लग गई, जबकि बागपत की ओर बालैनी तक वाहन फंसे रहे। यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई रही। पुलिस दिन भर जाम को खुलवाने के लिए मशक्कत करती रही, लेकिन वन वे पुल होने के कारण जाम शाम तक भी नहीं खुल सका।