संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। गांव बसी के जंगल में मीतली रजबहे की पटरी टूटने से कई किसानों की गेहूं और गन्ने की फसल में पानी भर गया। सूचना के बावजूद शुक्रवार तक टूटी पटरी ठीक नहीं कराई गई थी। पीड़ित किसानों ने उपजिलाधिकारी से टूटी पटरी की मरम्मत कराने की मांग की।
खेकड़ा के अलावा बसी, महरमपुर, सलावतपुर खेड़ी और सुन्हैडा आदि गांवों के किसान मीतली रजबहे के पानी से फसलों की सिंचाई करते है। कई वर्षों से इस रजबहे की साफ सफाई नहीं कराई गई है। इसका ज्यादातर हिस्सा खरपतवार से अटा पड़ा हुआ है। सिंचाई विभाग ने दो दिन पूर्व रजबहे में पानी छोड़ा था। बृहस्पतिवार की रात बसी गांव के जंगल में रजबहे की जर्जर पटरी टूट गई। इसका पानी खेकड़ा निवासी किसान हरेंद्र सिंह, कौशल धामा, प्रदीप, रविंद्र, अमरपाल, सतेंद्र, मुकेश आदि की गेहूं और गन्ने की फसल में भर गया। सूचना के बावजूद शुक्रवार तक भी सिंचाई विभाग ने इसे ठीक नहीं कराया। पीड़ित किसानों ने उपजिलाधिकारी से टूटी पटरी की मरम्मत कराने की मांग की है। उपजिलाधिकारी अजय कुमार का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कहकर जल्द से टूटी पटरी की मरम्मत कराई जाएगी।