बड़ौत। बसपा से नसीमुद्दीन सिद्दीकी को निकाले जाने के बाद जिले में भी सियासत की सरगर्मियां तेज हो गई है। बसपा के टिकट पर छपरौली से विधानसभा चुनाव लड़ चुकी टीकरी की चेयरमैन राजबाला चौधरी ने पार्टी छोड़ दी। उन्होंने कहा बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और कांशीराम के विचारों और आदर्शों वाली बसपा सिद्धांतों से भटक गई है। एलान किया कि वह सिद्दीकी का समर्थन करती हैं।
शुक्रवार को मधुबन कॉलोनी में बिनौली ब्लॉक प्रमुख प्रवीण तोमर के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में चौधरी ने कहा कि सिद्दीकी बसपा के सच्चे सिपाही रहें और उनके बेटे अफजल सिद्दीकी ने रात-दिन एक करके युवाओं को एकजुट किया। इनके साथ गलत किया है। चौधरी ने कहा बसपा को प्राइवेट कंपनी की तरह बना दिया गया है। ऐसे में पार्टी का अस्तित्व भी खतरे में हैं। चौधरी ने कहा वह सिद्दीकी का समर्थन करती हैं और अगर वह नई पार्टी बनाते हैं तो उनका साथ दिया जाएगा। पूरे क्षेत्र के लोग उनके साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कुछ चापलूस लोगों ने मायावती को गुमराह कर दिया है।
बसपा की सदस्यता में त्याग पत्र देने वालों में ब्लॉक प्रमुख बिनौली प्रवीण तोमर, छपरौली विधानसभा महासचिव ओम सिंह राठी, विधानसभा अध्यक्ष मुस्लिम समाज नवाब शेखी, पूर्व सभासद टीकरी कय्यूम पहलवान, पूर्व चेयरमैन टीकरी ऋषिपाल राठी, रविंद्र पहलवान, रमेश प्रधान कनवाडा, कृपाल प्रधान भड़ल, रविंद्र प्रधान कुरड़ी, पूर्व प्रधान भाग्यवीर पुसार, दुष्यंत राणा, तेजपाल राणा, तेजवीर प्रधान, हाजी फरमान, जरीफ, सानू, याकूब, नीरज, रोबिन राठी, धर्मेंद्र, विकास, संदीप बादल, बॉबी, नरेश तोमर, राजपाल शास्त्री, बिजेंद्र प्रधान आदि हैं।