त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव
- अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने की रखी गई मांग
- साल 2005 में अनुसूचित जाति में शामिल रहा चुका है बिलोचपुरा
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। ग्राम पंचायत चुनाव के लिए अनंतिम आरक्षण सूची जारी किए जाने के बाद आपत्तियां दाखिल करने का सिलसिला जारी हो गया है। अनारक्षित किए गए पिलाना विकास खंड के बिलोचपुरा गांव को अनुसूचित जाति में आरक्षित किए जाने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि साल 2005 के बाद से यह गांव एससी में आरक्षित नहीं किया गया है।
बिलोचपुरा गांव की आबादी सात हजार 948 है। इस बार गांव को अनारक्षित वर्ग में रखा गया है। डीपीआरओ कुमार अमरेंद्र ने बताया कि बिलोचपुरा के आरक्षण को लेकर एक आपत्ति दाखिल की गई है, जिसमें गांव को एससी में शामिल करने की मांग की गई है। गांव में अनुसूचित जाति की जनसंख्या 579 है। इससे पहले यह गांव साल 2010 में अनारक्षित वर्ग में रखा गया था। पिछले चुनाव में गांव को महिला वर्ग में शामिल किया गया था।
इन गांव के आरक्षण पर हो सकता है एतराज
बागपत। जिले के बड़े गांव में शामिल सरूरपुर कलां, तुगाना, हलालपुर, गांगनौली, लोयन और मलकपुर पहली बार अनुसूचित जाति में शामिल किए गए। प्रधान पद की तैयारियों में जुटे दावेदारों को जोर का झटका लगा है। जल्द ही इन गांव के आरक्षण पर प्रधान पद के संभावित दावेदार आपत्तियां दाखिल कर सकते हैं।
12 और 13 मार्च को अंतिम सूची का प्रकाशन
बागपत। डीपीआरओ कुमार अमरेंद्र ने बताया कि आपत्तियों का निस्तारण किए जाने के बाद अंतिम आरक्षण सूची का प्रकाश 12 और 13 मार्च को किया जाएगा।