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Baghpat News: बारिश से 200 बीघा आलू, गोभी और 150 बीघा धान की फसल डूबी

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रटौल। दो दिन पहले हुई बारिश और हवा से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। रटौल और आसपास के गांवों में आलू, गोभी व धान की फसल को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है।
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बारिश के कारण 200 बीघा आलू व गोभी और 150 बीघा धान की फसल में पानी भर गया। इससे किसानों को आर्थिक हानि हुई है। रटौल, सिंगाैली, गौना, सरफाबाद, लहचौड़ा, मंसूरपुर, ललियाना और विनयपुर जैसे कई गांव प्रभावित हुए हैं। अक्तूबर महीने में किसानों ने 20 फीसदी अगेती आलू की बुवाई की थी। रटौल, लहचौड़ा, विनयपुर और मंसूरपुर में लगभग 20 फीसदी गोभी की फसल भी बोई गई थी। राजकुमार, सुल्तान, चंद्रपाल यादव, पम्मी, नईम और चमन ने बताया कि खेतों में पानी भरने से आलू में गलन शुरू हो गई है। गोभी की छोटी पौध भी पूरी तरह नष्ट हो गई है। इस नुकसान से किसानों की आजीविका पर संकट आ गया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द नुकसान का आकलन करने की अपील की है।
-500 बीघा धान की फसल नष्ट होने का खतरा
रटौल। रटौल, गढ़ी कलंजरी, पूरनपुर नवादा, गौना, चमरावल, पांची, लहचौड़ा, सिंगोली आदि गांव के किसान चंद्रपाल यादव, सुनील त्यागी, गजेंद्र यादव, राजू, पूर्व प्रधान बेद सिंह आदि ने बताया कि 500 बीघा धान की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी हुई है। वहीं कुछ फसल कटाई होकर खेतों में ही पड़ी हुई है। खेतों में पानी भरने से फसल नष्ट हो गई है, क्योंकि दाना काला पड़ना शुरू हो गया है। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। बताया कि फसल बचाने को किराए पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर धान के खेतों में भरे पानी को निकाल रहे हैं, जिससे उनकी कुछ धान की फसल बच सके।
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20 बीघा जमीन ठेके पर ली थी और एक लाख रुपये का कर्ज लेकर धान की फसल की बुवाई की थी, लेकिन बेमौसम बारिश के कारण धान की फसल खराब हो गई है। अब किराए पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर पानी निकाल रहे हैं। -चंद्रपाल यादव, लहचौड़ा

कर्जा लेकर 120 बीघा में धान की फसल की बुवाई की हुई है, लेकिन तेज हवा व बारिश ने पूरी फसल को तहस-नहस कर दिया। बारिश के पानी से धान की फसल डूबी हुई है। -गजेंद्र, गौना

बारिश का पानी खेतों में भर गया है, जिससे आलू व गोभी की फसल नष्ट हो गई है। इससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन पर कर्ज भी हो गया है। -नईम चौधरी, रटौल

पांच दिन पहले अगेती आलू की आठ बीघा फसल की बुवाई की थी। फसल में दस हजार रुपये खर्च किए थे, लेकिन बारिश ने अरमानों पर पानी फेर दिया। प्रशासन को सर्वे कराकर नष्ट फसल का मुआवजा देना चाहिए। -मनोज यादव, लहचौड़ा

वर्जन

तहसील की राजस्व टीम के साथ खेतों का सर्वे कराया जाएगा और देखा जाएगा कि किस-किस किसान की फसल को कितना नुकसान हुआ है। आकलन करने के बाद शासन को मुआवजे के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। -बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी
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