- जिले में 35 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए व 20 खंभे टूटे, तीन किलोमीटर लंबी लाइन भी टूटी
- शहर में पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी, आम की फसल में हुआ नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। यहां बृहस्पतिवार की रात हुई बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई तो आंधी से आफत आ गई। जिलेभर में बिजली के 20 खंभे टूट गए, जबकि 35 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगहों पर पेड़ व उनकी टहनियां गिरने से बिजली लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। इससे 125 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऊर्जा निगम के कर्मी रातभर लाइनें ठीक करने में जुटे रहे तो शुक्रवार शाम तक आपूर्ति सुचारु हो सकी।
यहां बृहस्पतिवार की सुबह से ही मौसम में बदलाव हो गया था और तेज हवा चलने से लोगाें को गर्मी से राहत मिली। आसमान में बादल छाए रहने से बारिश होने का अनुमान था। बृहस्पतिवार की देर रात को आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई और शुक्रवार की सुबह तक बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। तेज हवा चलने से लोगों को गर्मी का अहसास नहीं हुआ। इससे तापमान आठ डिग्री तक होने से 32 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं बागपत के चमरावल मार्ग पर पेड़ की टहनियां टूटकर गिर गईं, जिन्हें लोगों ने हटवाया। पाबला बेगमाबाद गांव के जंगल में बिजली का खंभा गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
इनके अलावा बड़ौत, बिजरौल, हिलवाड़ी, छछरपुर, तितरौदा, धनौरा सिल्वरनगर, बड़ावद, मवीकला, बामनौली, दाहा, बिनौली, कमाला, गढ़ी कांगरान गांव, निरपुड़ा, भड़ल, दाहा, चित्तमखेड़ी, नंगला कनवाड़ा, गढ़ी कागरान और पलड़ी में खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति रातभर ठप रही। इसके चलते फीडरों से ब्रेकडाउन लेकर काम किया गया। वहीं बागपत शहर में भी आठ घंटे से बिजली आपूर्ति ठप रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर फाल्ट ठीक कराकर बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई, लेकिन गांवों में आपूर्ति ठप रही। जिससे शुक्रवार की सुबह पेयजल के लिए किल्लत का सामना करना पड़ा। रात में अधीक्षण अभियंता जगदीश चंद्र यादव ने भी बिजलीघर पहुंचकर स्थिति देखी। वहीं ईंट भट्ठों पर भी पानी भरने से कच्ची ईंटों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
अंडरपास में पानी भरने से लोग हुए परेशान
रमाला। कंडेरा-जिवानी मार्ग पर रेलवे अंडरपास में बारिश का पानी भरने के कारण लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। नरेंद्र सिंह, मनोज, नसीम, जमील, सुभाष, रोहन, तिलक सिंह, अजय, गुलाब, त्रिवेंद्र आदि ने बताया कि अंडरपास से जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है और यहां तीन से चार फीट तक पानी भरने के कारण हादसा होने का खतरा रहता है। यहां से अशरफाबद थल, जिवानी, जिवाना, कंडेरा, छछरपुर, गूंगाखेड़ी आदि गांवों के लोगाें का आवागमन रहता है।
बिजली गिरने से ट्रांसफार्मर फुंका, लोगों ने प्रदर्शन किया
दोघट। दाहा गांव में बृहस्पतिवार की देर रात को ट्रांसफार्मर पर बिजली गिरने के कारण फुंक गया। इससे वहां 100 घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई और अंधेरा छा गया। इसके विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया और ट्रांसफार्मर सही करवाने की मांग की। स्वीटी, पूनम, अनिता, सरोज, पिंकी, धर्मेंद्र, कालू आदि ने बताया कि बिजली नहीं आने के कारण पानी व पशुओं के लिए चारा काटने की समस्या बनी रही। वहीं आंधी के कारण दाहा-बरनावा मार्ग व शाहजहांपुर-संतनगर सहित कई स्थानों पर पेड़ टूटकर गिर गए। इससे यहां लंबा जाम लग गया। बाद में लोगों ने पेड़ों को वहां से हटाकर जाम खुलवाया। इसके अलावा पुसार, बराल, बरनावा आदि गांवों में भी पेड़ टूटकर गिरने से लोगों को परेशानी हुई। वहीं
आंधी से आम की फसल को नुकसान
रटौल। रटौल कस्बे में आंधी के कारण आम को काफी नुकसान पहुंचा और 30 प्रतिशत के करीब आम टूटकर गिर गए। नूरहसन अलीशेर, खालिद, शौकीन ने बताया कि इस बार आम में काफी नुकसान पहुंचा है, क्योंकि तीन माह पहले आई आंधी से बौर टूट गए थे और अब फिर से आम टूटकर गिए गए हैं। वहीं लहचौड़ा, खैला खासपुर, मंसूरपुर, ललियाना, गौना, सरफाबाद, पूरनपुर नवादा, गढ़ी कलंजरी आदि गांवों में बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं खेतों में पानी भरने के कारण टमाटर, तोरई, लोकी आदि सब्जियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
बिजरौल व बड़ौत में 10 घंटे बिजली आपूर्ति रही ठप
बड़ौत। बारिश व आंधी आने के कारण बृहस्पतिवार की रात बिजरौल गांव, बड़ौत में बावली रोड व बिजरौल रोड व शताब्दी नगर के कुछ हिस्से की बिजली आपूर्ति करीब दस घंटे तक बाधित रही। विजय, राहुल, प्रवीण, मनोज समेत अन्य लोगों ने बताया कि आंधी के कारण तार टूटने के कारण आपूर्ति ठप हो गई थी। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे आपूर्ति सुचारू हो पाई। रातभर आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
वर्जन
- आंधी की वजह से कई जगहों पर खंभे टूट गए तो ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। कर्मियों और अफसरों को लगाकर बृहस्पतिवार रात व शुक्रवार सुबह में फाल्ट ठीक कराकर बिजली आपूर्ति शुरू करा दी गई। - जगदीश चंद्र यादव, अधीक्षण अभियंता ऊर्जा निगम।
रटौल में बारिश के दौरान गिरी मक्का की फसल। संवाद
रटौल में बारिश के दौरान गिरी मक्का की फसल। संवाद
रटौल में बारिश के दौरान गिरी मक्का की फसल। संवाद
रटौल में बारिश के दौरान गिरी मक्का की फसल। संवाद