बावली गांव के जंगल में अंडर पास निर्माण कार्य के कारण रेलवे प्रशासन ने चार गांव के हजारों किसानों का पानी रोक दिया। इससे सैकड़ों एकड़ फसल बिन पानी सूखकर बर्बाद हो रही है।
समस्या के निदान के लिए क्षेत्र के किसान सैकड़ों बार प्रशासनिक, रेलवे और सिंचाई विभाग के अफसरों को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। किसानों ने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
क्षेत्र के बावली, लौहड्डा, छछरपुर, बिजरौल, पट्टी चेहर समेत कई गांवों के किसानों को बावली-लौहड्डा रजवाहे से पानी मिलता है, लेकिन करीबन 15 दिन पहले रेलवे प्रशासन ने वहां पर बनाएं जा रहे अंडर पास निर्माण के चलते किसानों को मिलने वाले पानी रोक दिया।
इससे अब बिन पानी सैकड़ों एकत्र फसलें सूख रही हैं। किसानों ने कहा पहले गंग नहर के अफसर पानी छोड़ने मेें आनाकानी कर रहे थे, आंदोलन के बाद पानी छोड़ा तो अब रेलवे ने अंडर पास निर्माण के कारण बावली-लौहड्डा रजवाहे से मिलने वाला पानी बंद किया, इससे फसल सूख रही है।
उन्होंने कहा समस्या निदान के लिए 15 दिन में सैकड़ों बार प्रशासनिक, रेलवे और सिंचाई विभाग के अफसरों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
इस संबंध मेें ग्राम प्रधान छछरपुर अनिल कुमार एडवोकेट ने कहा पानी नहीं मिलने से फसल सूख रही है, अब शीघ्र ही आंदोलन किया जाएगा। सिंचाई विभाग के जेई वीरपाल पंवार ने कहा कुछ किसानों की रेलवे के पानी रोकने की शिकायत मिल है, शीघ्र रेलवे प्रशासन से वार्ता होगी।