दस साल की लंबी तपस्या के बाद बामनौली के संजू की मुराद पूरी ह्रुई। प्रधान पद का चुनाव परिणाम जैसे ही आया, संजू खुशी से उछल गया। गांव वाले भी संजू की तपस्या पर बहुत खुश थे।
2005 में बिरेश तोमर ग्राम प्रधान का चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए थे। उनके समर्थक बामनौली निवासी संजू ने इसी समय संकल्प लिया था कि जब तब बिरेश तोमर गांव के प्रधान नहीं बन जाते तब तक वे अन्न जल ग्रहण नहीं करेंगे और न ही अपने बाल कटवाएंगे।
लोगों ने बताया कि चार दिन बाद वे संजू को हरिद्वार लेकर जाएंगे। वहां संजू गंगा में स्नान करेगा और बाल कटवाएगा। दस साल बाद बामनौली के संजू ने खाना खाया तो उसकी आंखें आंसुओं से भरी थी। संजू का स्वागत करने वालों में विजय तोमर, राजेंद्र, नरेश डायरेक्टर, मास्टर पुष्पेंद्र, धर्मपाल, बीरसैन, डॉ. जवाहर, सोहनवीर, बिजेंद्र, जितेंद्र, राजपाल, कृष्ण, निरंकार आदि शामिल रहे।