रमाला। रमाला सहकारी चीनी मिल की वार्षिक सामान्य निकाय बैठक बृहस्पतिवार को हुई, जिसमें मिल के समय पर संचालन, किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और गन्ना उत्पादन की लागत कम करने पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने मिल की व्यवस्थाओं में सुधार और कमियों को समय पर दूर करने के निर्देश दिए।
बैठक में किसानों की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया। मिल के उपसभापति जयदेव सिंह ने बताया कि किसानों के लिए एक किसान सलाहकार केंद्र स्थापित किया गया है। जल्द ही मिल में मृदा परीक्षण मशीन भी लगाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि गन्ने की खेती में बढ़ती मजदूरी लागत को देखते हुए आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने पर काम चल रहा है। फार्म मशीनरी बैंक के तहत किसानों को किराए पर कंबाइन हार्वेस्टर और ड्रोन जैसे कृषि यंत्र दिए जाएंगे। इससे किसानों की खेती की लागत कम होगी। गन्ने की कटाई और छिलाई में लगने वाले अधिक खर्च व समय को देखते हुए एक ट्रैक हार्वेस्टर और एक मिनी हार्वेस्टर खरीदने का प्रस्ताव भी रखा गया। इन मशीनों से समय पर गन्ने की कटाई होने से किसानों को राहत मिलेगी और मिल को भी ताजा गन्ना मिलेगा।
किसानों ने रमाला मिल को समय से चलाने की मांग की। उन्होंने यह भी मांग रखी कि जो गन्ना क्रय केंद्र वर्तमान में दूसरी चीनी मिलों को आवंटित हैं, उन्हें वापस रमाला मिल से जोड़ा जाए। किसानों ने कहा कि जो किसान शारीरिक रूप से मिल में गन्ना लाने में असमर्थ हैं, उनका सट्टा उनके नजदीकी क्रय केंद्र पर किया जाए। इससे उन्हें गन्ना आपूर्ति में कोई परेशानी नहीं होगी। बैठक में प्रधान प्रबंधक गोविंद मौर्य, मुख्य लेखाकार मोहन श्याम और उपजिलाधिकारी बीके सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इन अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को ध्यान से सुना।
रमाला। रमाला सहकारी चीनी मिल में वार्षिक सामान्य निकाय की बृहस्पतिवार को बैठक हुई। वहां मिल के समय से संचालन, किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और गन्ना उत्पादन की लागत कम करने को लेकर कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
बैठक में डीएम अस्मिता लाल ने मिल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने व कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए। किसानों से जुड़ी समस्याओं पर ध्यान दिया और उन्हें किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मिल के उपसभापति जयदेव सिंह ने बताया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मिल में किसान सलाहकार केंद्र स्थापित किया गया है। जल्द ही मिल में मृदा परीक्षण मशीन भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गन्ने की खेती में बढ़ती मजदूरी लागत को देखते हुए मिल स्तर से आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
फार्म मशीनरी बैंक के तहत किसानों को किराए पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए कंबाइन हार्वेस्टर और ड्रोन आदि की व्यवस्था की जा रही है। इससे किसानों की खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी। गन्ने की कटाई और छिलाई में अधिक खर्च व समय लगने को देखते हुए एक ट्रैक हार्वेस्टर और एक मिनी हार्वेस्टर खरीदने का भी बैठक में प्रस्ताव रखा गया। मशीनों के माध्यम से समय पर गन्ने की कटाई होने से किसानों को राहत मिलने के साथ मिल को भी निर्धारित समय में साफ और ताजा गन्ना मिलेगा। किसानों ने रमाला मिल को समय से चलाने की मांग रखी।
साथ ही रमाला मिल के जो गन्ना क्रय केंद्र वर्तमान में दूसरी चीनी मिलों को आवंटित हैं उन्हें वापस रमाला मिल से जोड़ने की मांग की गई। किसानों ने कहा कि जो किसान शारीरिक रूप से मिल में गन्ना लाने में असमर्थ हैं उनका सट्टा उनके नजदीकी क्रय केंद्र पर किया जाए, ताकि उन्हें गन्ना आपूर्ति में परेशानी न हो। बैठक में प्रधान प्रबंधक गोविंद मौर्य, मुख्य लेखाकार मोहन श्याम, उपजिलाधिकारी बीके सिंह आदि मौजूद रहे।