बड़ौत। बड़का गांव में राशन की दुकान के आवंटन के लिए छह सितंबर को हुई खुली बैठक के प्रस्ताव में अनियमितता मिलने पर बीडीओ सहेंद्र सिंह ने उसे निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही एडीओ आईएसबी प्रवीण मोहन व सचिव आलोक को मामले में कार्रवाई की हिदायत दी गई।
बड़का गांव में करीब पांच महीने पहले अनियमितता मिलने पर राशन डीलर बबीता की दुकान निरस्त हुई थी। इसके बाद दुकान के आवंटन के लिए पांच स्वयं सहायता समूहों के अलावा दो सामान्य श्रेणी से आवेदन आए थे। 13 अगस्त को हुई खुली बैठक निरस्त होने के बाद छह सितंबर को दोबारा बैठक हुई, जिसमें कविता के पक्ष में प्रस्ताव पास कर दिया गया था। इसके विरोध में महिलाओं में आरती, प्रीति, सुषमा, ज्योति, पूनम, बबली, सुधा, पारुल, रेखा, मोनिका और पुष्पा ने हंगामा करते हुए बड़ौत-बड़का मार्ग पर जाम लगा दिया।
इसके बाद महिलाएं तहसील पहुंचीं और एसडीएम बालकृष्ण सिंह को ज्ञापन देकर ग्राम सचिव और एक एडीओ पर रुपये लेकर कविता के पक्ष में प्रस्ताव पास कराने का आरोप लगाया था। एसडीएम ने मामले की जांच कर बीडीओ बड़ौत से रिपोर्ट मांगी थी। बीडीओ सहेंद्र सिंह ने जांच के बाद बताया कि खुली बैठक से पहले और बैठक के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रस्ताव की सही जानकारी नहीं दी गई थी। इसके अलावा एमएलसी चुनाव को लेकर आचार संहिता के बावजूद दुकान आवंटन कर दी गई। इस कारण कविता के पक्ष में हुआ प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया है। अब राशन की दुकान के आवंटन की प्रक्रिया नियमानुसार दोबारा कराई जाएगी।