खेकड़ा (बागपत)। विधान परिषद की आश्वासन समिति के सभापति ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि शिक्षक महासंघ प्राइमरी से डिग्री कॉलेज तक के शिक्षकों की अनदेखी पर सरकार को करारा जवाब देगा। शिक्षकों की समस्या को आगामी विधानसभा सत्र में उठाया जाएगा।
शहर में स्थित गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज में मंगलवार को शिक्षक सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें तहसील क्षेत्र के माध्यमिक, वित्त विहीन, डिग्री, आईटीआई, सीबीएसई, राज्य और नवोदय विद्यालयों के शिक्षक शामिल रहे। इसमें विधान परिषद की आश्वासन समिति के सभापति ओम प्रकाश शर्मा ने कहा हमने सातवां वेतनमान शिक्षकों की विशाल एकजुटता पर पाया। सरकार शिक्षकों को अपमानित कर रही है। सरकार को तत्काल पुरानी पेंशन को बहाल करना होगा। वित्त विहीन के शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन देना होगा। सरकार माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से घिर चुकी है। जिसे यह सरकार रोक नहीं पाएगी।
उन्होंने कहा कि राजकीय शिक्षकों को छह माह से वेतन नहीं मिला। संलग्न प्राइमरी के शिक्षकों को भी कई माह से वेतन मिलना गंभीर मामला है। इन मामलों को 13 फरवरी से होने वाले बजट सत्र में उठाया जाएगा। इस दौरान विधान परिषद सदस्य हेम सिंह पुंडीर ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों के दो बच्चों का प्रोत्साहन भत्ता व सामूहिक बीमा योजना को रोक दिया है। इससे शिक्षक खफा हैं। विधान परिषद के चुनाव में शिक्षक महासंघ सरकार की नीतियों का विरोध कर प्रत्याशियों को बहुमत से जीत आएंगे। शिक्षक नेता विरेंद्र सिंह ने कहा कि जनपद के शिक्षकों को नवीन पेंशन कटौती का ब्योरा नहीं दिया जा रहा है। 31 मार्च को सेवानिवृत्त होने वाले प्रधानाचार्य शिक्षकों की पेंशन पत्रावली नहीं भेजी। सातवें वेतनमान की दूसरी किस्त का भुगतान विगत 3 वर्षों से और बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी का भुगतान नहीं किया।
इस दौरान प्रधानाचार्य उमेश कुमार चौहान, नरेंद्र धामा, अजय राज शर्मा, जिला अध्यक्ष बल्लभ सिंह शर्मा, जयपाल शर्मा, राजेंद्र धामा, राज कुमार, राजबाला धामा, माधुरी यादव, तेजवीर धामा, गजे सिंह धामा, दिनेश शर्मा, राकेश कुमार आदि शिक्षक रहे।