बड़ौत। मलकपुर चीनी मिल में मंगलवार शाम इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) में गैस रिसाव के कारण एक सिक्योरिटी गार्ड की दम घुटने से मौत हो गई थी।मृतक के परिजनों ने 17 घंटे तक शव नहीं उठने दिया और मुआवजे की मांग को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में धरना दिया। मिल और सिक्योरिटी कंपनी के अधिकारियों द्वारा 11 लाख रुपये मुआवजा देने के आश्वासन के बाद परिजन सहमत हुए और धरना समाप्त किया।
सुरेश शर्मा नामक सिक्योरिटी गार्ड मंगलवार शाम ईटीपी में लाइट जलाने गए थे। गैस रिसाव के कारण दम घुटने से वह प्लांट के अंदर ही गिर गए, उन्हें बचाने गए मजदूर प्रदीप, हामिद, साकिब, अमरनाथ और दीपक भी बेहोश होकर गिर पड़े। अन्य मजदूरों ने मुंह पर कपड़ा लपेटकर सभी को बाहर निकाला। मिल के कर्मी उन्हें उठाकर अस्पताल ले गए। अस्पताल में सुरेश शर्मा को मृत घोषित कर दिया गया। हामिद और साकिब को मेरठ मेडिकल रेफर किया गया। मृतक के परिजनों ने सीएचसी में हंगामा करते हुए आर्थिक मदद की मांग की थी। उन्होंने शव को 17 घंटे तक नहीं उठने दिया। बुधवार सुबह आठ बजे तक अफसरों के न पहुंचने पर परिजन भड़क गए और नारेबाजी करते हुए शव लेकर धरने पर बैठ गए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में धरना शुरू होने पर एसडीएम भावना सिंह, तहसीलदार श्वेताभ सिंह और मलकपुर गन्ना समिति के अध्यक्ष अंकितवीर मौके पर पहुंचे। उन्होंने सिक्योरिटी कंपनी के प्रतिनिधि शर्मा के साथ मिलकर सुरेश शर्मा के परिजनों से वार्ता की। प्रतिनिधि शर्मा ने परिवार को 11 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया, जिस पर परिजन सहमत हो गए।
मुआवजे पर सहमति बनने के बाद पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, सुरेश शर्मा के परिजनों ने फिलहाल किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई कराने से इन्कार कर दिया है। इस मौके पर मृतक के बेटे गौरव, राधे श्याम शर्मा, राकेश शर्मा, प्रमोद शर्मा और नीरज कौशिक सहित कई परिजन उपस्थित रहे।
-मजदूरों की हालत में सुधार
मलकपुर चीनी मिल के ईटीपी में दम घुटने से प्रदीप, हामिद, साकिब, अमरनाथ और दीपक बेहोश होकर गिर गए थे। इनमें हामिद और साकिब का मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार कराया गया, जहां बुधवार को उनकी हालत में सुधार है।
वर्जन-प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में सिक्योरिटी कंपनी के अफसरों और गार्ड के परिजनों से बात की गई, उनमें समझौता हो गया है। ईटीपी में सुरक्षा गार्ड की मौत और मजदूरों के बेहोश होने के मामले की जांच कराई जा रही है।- विपिन चौधरी, अधिशासी, मलकपुर चीनी मिल