मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी प्रधान राज कुमार और उसके चाचा ऋषिपाल की गिरफ्तार न होने पर ब्राह्मण पुट्ठी गांव के दस परिवार ने पलायन करने का प्रयास किया। उनका आरोप है आरोपी प्रधान खुलेआम घूम रहा है और धमकी दे रहा हैं। पुलिस ने उनको समझा-बुझाकर और कार्रवाई का आश्वासन देकर रोका।
पीड़ित लोगों ने कहा ग्राम प्रधान राज कुमार ने उनका गांव में रहना मुश्किल कर दिया। चुनाव में उनके पक्ष में वोट न देने पर 31 अगस्त को एक व्यक्ति के साथ मारपीट की। कोतवाली में मुकदमा दर्ज गया।
अगले ही दिन उनकी पुत्रवधू के साथ आरोपी प्रधान राज कुमार और उनके चाचा ने अश्लील हरकत कर दुष्कर्म का प्रयास किया। इसका भी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया । इसके बावजूद पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
उनके भय से पलायन को मजबूर हैं। रविवार सुबह उन्होंने पलायन की तैयारी कर ली और घर का सामान ट्रैक्टर और बुग्गी में लादे । इसका पता चलते ही पुलिस अफसर टेंशन में आ गए।
कोतवाली पुलिस तुरंत गांव में पहुंची। उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। एसएसआई धमेंद्र सिंह सिंघु ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ही पीड़ित परिवार गांव में रहने को तैयार हुए।
पलायन के सदमे में एक व्यक्ति की हालत बिगड़ी
बागपत। पलायन से सदमे में आए व्यक्ति रामनाथ की हालत बिगड़ गई और बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस उनको अस्पताल लेकर पहुंची। फिलहाल उनकी हालात में सुधार है।
पंच बोले, पलायन ठीक नहीं
बागपत। ब्राह्मण पुट्ठी के पलायन के मामले में गांव में पंचायत हुई। पंचों ने कहा गांव में किसी को पलायन करने की जरूरत पड़ी, यह दुर्भाग्य की बात है। सभी लोगों को मिलजुल कर रहना चाहिए। पलायन करना ठीक नहीं है।
किसी को भी ऐसा नहीं करने दिया जाएगा। लोगों ने पलायन करने वालों के आगे खड़े होकर उन्हें रोका। इसमें ब्रह्म सिंह, बिल्लू, बलेश्वर, सोनू, फिरे, ओमकार, महेश, सत्यप्रकाश, पिंटू, राजी, धन्नु, शेर सिंह, आत्माराम आदि रहे।
पलायन रुकवाने वाले पूर्व प्रधान समेत कई को मिली धमकी
बागपत। रालोद नेता एवं पूर्व प्रधान पंडित नीरज शर्मा और विद्याराम भाटी ने कहा वे गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर पलायन कर रहे लोगों को समझा - बुझाकर गांव में ही रोक रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही आरोपी प्रधान और उनके साथियों ने उनको फर्जी केस में फंसवाने और जान से मारने की धमकी दी।
इसके विरोध में लोगों ने कोतवाली में पहुंचकर शिकायत की। इस मौके पर संतकुमार, नितिन, कोसिंदर सोनू, दीपक, रामेश्वर, प्रदीप, हरिराम, सुदेश, डब्बू, देवेंद्र, सुनीता, सरिता आदि रही।
ये है पलायन की कोशिश करने वाले
बागपत। पलायन की कोशिश करने वालों में रामनाथ, ओमप्रकाश, भगवत प्रसाद, विनोद, रूपचंद, राजकुमार, त्रिलो कचंद, सतीश अजय, मनोज का परिवार शामिल हैं। ये सभी एक ही कुनबे के हैं।