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लॉकडाउन बना बहाना, छोड़ दिया गुटखा खाना

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लॉकडाउन बना बहाना, छोड़ दिया गुटखा खाना
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बागपत। कोरोना काल में तंबाकू और पान मसाला की खपत एक चौथाई रह गई है। इससे व्यापार का तो नुकसान हुआ है, लेकिन सेहत का बहुत ज्यादा फायदा हो गया है। लॉकडाउन के बहाने से ही सही, जिले के हजारों लोगों ने कैंसर का कारण बनने वाले तंबाकू से दूरी बना ली है। जबसे पता चला है कि थूकने से कोरोना वायरस और फैलता है, तबसे लोग इस बुराई से और दूर हो गए हैं। वहीं जिले के तंबाकू कारोबारी लाखों का व्यापार प्रभावित होने की बात कह रहे हैं।
लॉकडाउन में ब्लैक में बेचा पान मसाला
एक दिन के जनता कर्फ्यू के बाद अचानक देश में लॉकडाउन कर दिया गया। इससे पान मसाला खाने वाले परेशान हो उठे। ग्राहक नीटू ने बताया कि इस बीच जो पान मसाला पांच रुपये का मिलता था, वह 15 रुपये तक मिला। संजीव का कहना था कि 18 रुपये में मिलने वाला बीड़ी का बंडल 30 रुपये तक ब्लैक में मिला।
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क्या हुआ असर
लॉकडाउन में एक तो तंबाकू की सप्लाई कम हो गई, दूसरे डिमांड पर भी काफी प्रभाव पड़ा है। दुकानें बंद हैं। इस कारण दुकानदारों ने डिमांड नहीं की। तंबाकू सप्लायर अपने हॉकरों की सैलरी भी नहीं निकाल पा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो उन्हें कोई दूसरा काम करना पड़ेगा।
क्या कहते हैं तंबाकू व्यापारी...
40 हजार से 5 हजार रुपये की रह गई सप्लाई
नगर के तंबाकू व्यापारी अनिल गुप्ता का कहना है कि उनके यहां से पूरे शहर में तंबाकू की सप्लाई होती है। लॉकडाउन से पहले एक दिन की सप्लाई लगभग 40 हजार रुपये के आसपास थी, जो अब घटकर पांच हजार रुपये रह गई है। शहर में पान मसाला के सप्लायर मनोज गुप्ता का कहना है कि कोरोना महामारी से पहले उनकी शहर में पांच से छह लाख रुपये प्रतिमाह की सप्लाई थी, मगर सरकार के तंबाकू सेवन पर प्रतिबंध लगाने के बाद कारोबार एक लाख का रह गया है। डिस्ट्रीब्यूटर्स के यहां डिमांड कम हो गई है। लोग पान मसाला खरीदने से कतराने लगे हैं। पान मसाले की बड़ौत में एजेंसी संचालक अंकित जैन का कहना था कि तंबाकू व पान मसाले पर प्रतिबंध से आमदनी जीरो हो गई है और कर्मचारियों का वेतन घर बैठे देना पड़ रहा है।
दिल्ली और मेरठ से होती है सप्लाई
जिले में तंबाकू या पान मसाला उत्पादन की एक भी इकाई नहीं है। शहर के तंबाकू व पान मसाला सप्लायर दिल्ली अथवा मेरठ से खरीदकर शहर में सप्लाई करते हैं।
क्या बोले लोग....
तंबाकू खाना ही छोड़ दिया
- पहले मैं खूब गुटखा और तंबाकू खाता था, लेकिन जब से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा है, तंबाकू खाना ही छोड़ दिया है। शुरू में थोड़ी दिक्कत हुई, लेकिन अब आदत पड़ गई है।
- धीरज निवासी बड़ौत
अब तो परिवार भी खुश है
ये तो पता था कि गुटखा खाना हानिकारक है। इससे कैंसर भी हो सकता है। अब जब नहीं मिला तो फिर दो महीने में इसकी आदत अब छूट गई। इससे परिवार भी खुश है।
- विक्की निवासी खेकड़ा
खत्म हुई एसिड बनने की समस्या
कोराना काल का अच्छा पहलू ये रहा कि मेरा गुटखा खाना छूट गया। इससे मुझे एसिड बनने की समस्या भी खत्म हो गई। इसके साथ ही गुटखा खाने में जो पैसे खर्च होते थे, वे बचने लगे।
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- दीपू निवासी बागपत
छूट गई बुरी लत
एक माह पहले मुझे तंबाकू मिलना बंद हो गया था। इसके बाद ठान लिया कि गुटखा खाना छोड़ना है। वैसे भी कोरोना के खिलाफ जंग में गुटखे से दूरी तो बनानी जरूरी थी। अब इस बुरी लत से निजात मिल गई है।
- अंकित निवासी बागपत
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