बागपत। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटना स्वास्थ्य विभाग के लिए आसान नहीं होगा। जिले में बाल रोग विशेषज्ञों का टोटा है। जिले के बच्चों की जिम्मेदारी महज चार बाल रोग विशेषज्ञों के कंधों पर है।
जिले में कार्यरत चारों बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राज सिंह, डॉ. नीरज, डॉ. अरशद और डॉ. निधि की तैनाती जिला अस्पताल में है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के उपचार के लिए तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि चिकित्सकों के अभाव में बच्चों को उपचार देना स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन सकता है। तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जिला अस्पताल में एक जुलाई से पीआईसीयू शुरू कराने की तैयारी है। जिला अस्पताल के अतिरिक्त खेकड़ा में ऑक्सीजन प्लांट तैयार कराया जा रहा है। बच्चों के उपचार के लिए सभी सीएचसी पर बेड आरक्षित कर ऑक्सीजन की व्यवस्था करा दी है। 26 जून से अभियान चलाकर बच्चों को मेडिसिन किट वितरित की जाएगी। इसके बावजूद तीसरी लहर से निपटना स्वास्थ्य विभाग के लिए आसान नहीं होगा। जिला अस्पताल के अतिरिक्त किसी भी सरकारी अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। जिला अस्पताल में तैनात चार बाल रोग विशेषज्ञों को पीआईसीयू में तैनात किया जाएगा।
वर्जन
बच्चों के स्वास्थ्य व उपचार को लेकर तैयारी चल रही है। जिले में चार बाल रोग विशेषज्ञ हैं। जिला अस्पताल में पीआईसीयू के अतिरिक्त सभी सीएचसी में बेड व ऑक्सीजन की व्यवस्था करा दी गई। 26 जून से अभियान चलाकर बच्चों को मेडिसिन किट वितरित की जाएगी।-सीएमओ डॉ. आरके टंडन