बागपत। शहर की झंकार गली में रहने वाले सट्टा माफिया सुमित पंजाबी और उसके साथियों पर दर्ज गैंगस्टर का मुकदमा हाईकोर्ट के आदेश पर खत्म किया गया तो उस पर अब दोबारा शिकंजा कसने की तैयारी की गई। हाईकोर्ट के आदेश में उसपर दोबारा गैंगस्टर की कार्रवाई करने की छूट दी गई हैं तो अब पुलिस उसपर दोबारा गैंगस्टर लगाएगी। इसके लिए गैंगचार्ट तैयार कराना शुरू कर दिया गया है।
शहर की झंकार गली में मकान में सट्टा गिरोह चलाने वाले सुमित पंजाबी और उसके भाई अमित पंजाबी, शाहिद उर्फ सेवा, विनोद, अनिल उर्फ कालू, सुरेश के खिलाफ इंस्पेक्टर ओमप्रकाश सिंह ने 29 अप्रैल 2022 में कोतवाली पुलिस ने गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था।
बताया गया कि वर्ष 2022 में दर्ज हुए गैंगस्टर के मुकदमे की विवेचना एक साल में पूरी करनी थी, जबकि मुकदमे की विवेचना दो साल में पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
गैंगस्टर के मुकदमे की विवेचना को दो साल तक लंबित रखने और दो साल बाद आरोप पत्र दाखिल करने को आधार बनाकर सट्टा माफिया सुमित पंजाबी हाईकोर्ट में पहुंचा तो हाईकोर्ट ने गैंगस्टर का मुकदमा खत्म करने के आदेश दिए। इसके साथ विवेचना करने वाले दस इंस्पेक्टरों की भी जांच करने के आदेश देते हुए कहा गया कि पुलिस चाहे तो गैंगस्टर की कार्रवाई नियम के अनुसार दोबारा कर सकती हैं।
इस मामले में एएसपी एनपी सिंह का कहना है कि सट्टा माफिया सुमित पंजाबी और उसके भाई के खिलाफ कई मुकदमें दर्ज हैं। उसका पुराना रिकार्ड निकलवाया जा रहा है और उसी के आधार पर दोबारा गैंगचार्ट तैयार कराकर कार्रवाई की जाएगी।