बिनौली। कामयाबी संसाधनों की मोहताज नहीं, अगर मेहनत की जाए तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सिरसलगढ़ गांव के प्रीत उज्ज्वल ने यह साबित करके दिखाया है। त्वचा रोग होने पर शिक्षकों ने स्कूल आने पर पाबंदी लगा दी तो उन्होंने घर रहकर खुद ही 10वीं और 12वीं की पढ़ाई की।
उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए और अब अमेरिकी वायुसेना में लेफ्टिनेंट बन गए। रविवार को गांव पहुंचने पर लेफ्टिनेंट प्रीत का स्वागत किया गया।सिरसलगढ़ गांव के दिल्ली पुलिस के एएसआई नवनीत का परिवार काफी साल से दिल्ली रहता है। उनके बेटे प्रीत उज्ज्वल को वर्ष 2019 में त्वचा रोग हो गया, तब वह दिल्ली के स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ते थे। त्वचा रोग को देखते हुए शिक्षकों ने स्कूल आने पर पाबंदी लगा दी।
इसके बाद घर में रहकर कड़ी मेहनत की। प्रीत ने 88 प्रतिशत अंक प्राप्त करके 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इससे उनका हौसला बढ़ गया और वर्ष 2021 में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद प्रीत अमेरिका चले गए, वहां पर उन्होंने ह्युस्टन टेक्सास से बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की। इसके बाद नासा से नयूक्लियर मिसाइल टेक्नोलॉजी में एक वर्ष का प्रशिक्षण हासिल किया। वर्ष 2024 में प्रीत उज्ज्वल को अमेरिकी नागरिता मिल गई और उन्होंने अमेरिकी सेना में जाने के लिए तैयारी की। इसमें उनको सफलता मिली और उनका अमेरिकी वायुसेना में द्वितीय लेफ्टिनेंट पद पर चयन हो गया। उनका सैन एंटोनिया में पहला प्राथमिक प्रशिक्षण पूर्ण हुआ और अब द्वितीय प्रशिक्षण चल रहा है।