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हर मसले का हल नमाज

Mon, 23 May 2016 12:50 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
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बड़ौत। अमीनगर सराय रोड पर स्थित नवीन मंडी के सामने चल रहे दो दिवसीय तब्लीगी इज्तिमा का रविवार को अमन और चैन की  दुआ के साथ समापन हो गया। 
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रविवार की सुबह फजर की नमाज के बाद से ही शहर की हर दिशा से लोग दुआ में शरीक होने के लिए निकले। दुआ से पहले मुफ्ती साजिद ने कहा हमें अपने आखिरत की फिक्र करनी चाहिए और तबलीग के काम को शबाब की तरह करना चाहिए। उन्होंने कहा मस्जिदों को आबाद करों। हर मसले का हल नमाज और मस्जिद है। नमाज कायम करने वाले के सभी मसले अल्लाह सुलझा देता है। अपने बच्चों को आलिम के पास भेजों ताकि वे दीन को समझ सके। 

तब्लीगी इज्तिमा में हजरत निजामुदीन मुख्य अतिथि के तौर पर आए। मौलाना शमीम ने इज्तिमाई दुआ कराई। मौलाना शमीम ने बताया  दुआ में वह ताकत होती है जो तकदीर बदल देती है। इंशान कहां से कहां पहुंच जाता है। अल्लाह को कभी भूलना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा अल्लाह हमें ऐसी माफी दे, जिसके गुनाह न हो, ऐसी हिदायत दे जिसके बाद गुमराह न हो, ऐसी रजादे जिसके बाद तेरी नाराजगी न हो, ऐसी कामयाबी दे जिसके बाद नाकामयाबी न हो।
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इस मौके पर आसिफ, अब्दुल वाहिद, हाजी रशीद, मोहम्मद ईनाम, हाफिज शाहिद, हाजी तराबुद्दीन दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री, मोहम्मद आरिफ मलिक, हाजी मेहंदी हसन, हाफिज कासिम, मौलाना रियाज, शौकीन, मुफ्ती अब्बास, हाशिम मलिक, अख्तर, चौधरी इरफान, मुफ्ती अय्यूब, हाजी जमीरुद्दीन अब्बासी, शाहिद, वसीम, कल्लू मलिक, डॉ. यूनुस चौधरी, अकरम आदि जमाती और अकीकतमंद समेत लगभग एक लाख लोग मौजूद रहें।

 समारोह में 48 निकाह कराए
बड़ौत। इज्तिमा में रविवार को सामूहिक निकाह के लिए पंजीयन चलता रहा। जिलेभर से लगभग 48 निकाह  हुए। दुआ के बाद मरकजी फूंस वाली मस्जिद बड़ौत के शाही ईमाम मौलाना आरिफ उल हक की देख रेख में इस इज्तिमा में 12 सेे अधिक पंजीयन निकाह के लिए पंजीयन हुआ।
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जमाते हुई रवाना
बड़ौत। शनिवार सुबह छह बजे से शुरू हुए दो दिवसीय इज्तिमा में शामिल होने के लिए जिले से लगभग 60 जमाते इज्तिमा स्थल पर पहुंची। दुआ के खत्म होने के बाद जिले समेत अन्य जिलों से आई जमाते का तब्लीग में निकलने का सिलसिला रहा। कौन सी जमाते कहा जाएगी, यह भी यहां तय हुआ। सैकड़ों जमाती दीन के काम के लिए 40 दिन से लेकर चार महीने की जमात के लिए तब्लीग के काम के लिए निकल गए।
 
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