संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मुझे इस बार चुनाव लड़वाकर जीत दिला दो। मैं वादा करता हूं कि अगली बार चुनाव नहीं लड़ूंगा, जिसको आप लोग कहोगे, उसका ही समर्थन करूंगा। वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में यह वादा करके ही प्रधान फंस गए। उन्होंने जीतने के लिए यह वादा किया और अब दोबारा तैयारी करने पर उनकी शिकायत होने लगी।
पंचायत चुनाव अगले साल होने हैं मगर अधिकारियों के पास ग्राम प्रधानों की शिकायत लगातार बढ़ती जा रही हैं। सिनौली, बिचपड़ी, बाछौड़, सरूरपुर कलां, लहचौड़ा, खट्टा प्रहलादपुर, लोयन, पलड़ी, ओढ़ापुर समेत अन्य गांवों की शिकायत अधिकारियों के पास पहुंची। प्रधानों पर आरोप लगाया गया कि विकास कार्य में रुपये कम खर्च हुए और दिखाए ज्यादा गए। इसके अलावा यह भी आरोप लगे कि बिना कार्य कराए ही रुपये निकाल लिए गए।
अधिकारियों ने शिकायत पर जांच शुरू की तो विकास कार्यों में गड़बड़ी के अलावा शिकायत का एक बड़ा कारण ऐसा निकलकर आया, जिसने अधिकारियों को चौंका दिया। अधिकारियों को पता चला कि कई प्रधानों ने वर्ष 2021 में अपने प्रतिद्वंदी को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए पंचायत कराई।
पंचायत में वादा किया कि वह केवल इस बार चुनाव लड़ेंगे और इस बार सभी उसका साथ दें। अगली बार गांव के लोग जिसके लिए कहेंगे, वह उसका साथ देंगे। मगर पंचायत में किया वादा भूलकर वह चुनाव की तैयारी करने लगे तो उनकी शिकायत शुरू कर दी गई। काफी शिकायत जांच में सही निकल रही हैं।
बड़ौत ब्लॉक के एक गांव में पिछले पंचायत चुनाव में चार प्रत्याशी मैदान में उतरे। एक प्रत्याशी ने पंचायत बुलाकर दो प्रत्याशियों से समर्थन मांगा। कहा गया कि अगर वह सभी लड़ेंगे तो दूसरे पक्ष का प्रधान बन जाएगा।
उसने यह वादा किया वर्ष 2026 के चुनाव में खुद चुनाव न लड़कर उनका साथ देगा। इसपर सहमति बन गई और वह 150 वोट से जीतकर प्रधान बन गए। मगर अब दोबारा चुनाव की तैयारी करने पर लोग विरोध में खड़े हो गए।
बागपत ब्लॉक के एक गांव में तीन प्रत्याशी मैदान में उतरे। पंचायत करके एक को केवल इस शर्त पर चुनाव से पीछे हटा दिया गया कि अगली बार उसका साथ देकर प्रधान बनाया जाएगा।
चुनाव से हटने वाले ने जिसको समर्थन दिया था, वह समर्थन लेने के बाद केवल 32 वोट से जीत सका। अब वह दोबारा चुनाव की तैयारी में जुट गए तो उनका भी विरोध करते हुए शिकायत कर दी गई।